सोनिया गांधी ने नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम जोड़े जाने के केस में अपना जवाब दाखिल किया है। शनिवार को राउज एवेन्यू कोर्ट को दिए जवाब में कहा उनके खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका गलत और अनुमानित तथ्यों पर आधारित है। यह याचिका ओछी राजनीति से प्रेरित और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। स्पेशल जज (CBI) विशाल गोगने की कोर्ट में वकील के जरिए दायर जवाब में सोनिया ने भारतीय नागरिकता हासिल करने से पहले वोटर लिस्ट में शामिल होने से जुड़े आरोपों का खंडन किया। साथ ही पुनर्विचार याचिका को खारिज करने की मांग की है। मामले की सुनवाई अब 21 फरवरी को होगी। सोनिया ने कोर्ट को दिए जवाब में क्या-क्या कहा इस केस में अब तक क्या हुआ… भाजपा ने भी दो वोटर लिस्ट में नाम होने का दावा किया था भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी 13 अगस्त को दावा किया था कि सोनिया गांधी का नाम भारत की वोटर लिस्ट में दो बार तब शामिल हुआ, जब वह भारतीय नागरिक नहीं थीं। मालवीय ने X पर लिखा, ‘यह पूरा मामला चुनावी कानून के स्पष्ट उल्लंघन का उदाहरण है। शायद यही कारण है कि राहुल गांधी भी ऐसे मतदाताओं को वैध करने के पक्ष में रहते हैं, जो अयोग्य या अवैध हैं और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का विरोध करते हैं।’
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