जिंदगी सोहनी एै, शिकवे की करिए, अग्ग लाके टेंशन नू, दुनिया दी सैर करिए… लोक गायक बिशन दास ने सरथल स्नो फेस्टिवल में बर्फ से लदी वादियों में गाना शुरू किया तो माहौल पूरी तरह गरम हो गया। पर्यटकों के साथ स्थानीय लोग जमकर झूमे और लुत्फ लिया।
उधर, सोनाली डोगरा ने भी डोगरी से लेकर भद्रवाही लोकगीतों और भजनों के साथ लोगों को झूमने को मजबूर कर दिया। पहली बार सरथल की वादी में बर्फ से लकदक पहाड़ों में स्नो फेस्टिवल का आयोजन हुआ तो लोगों का उत्साह भी देखते ही बनता था। न सिर्फ बनी, कठुआ बल्कि पंजाब, हिमाचल और विभिन्न जगहों से लगभग तीस हजार लोगों ने स्नो फेस्टिवल में शिरकत की। दिन भर चली मनोरंजक गतिविधियों के बीच पर्यटक न सिर्फ कलाकारों की प्रस्तुति का आनंद लिए, बल्कि बर्फ के गलीचेनुमा मैदानों पर उठखेलियां करते नजर आए। साफ मौसम ने आयोजन पर चार चांद लगा दिए।
सुबह कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय विधायक डॉ रामेश्वर सिंह के साथ डीसी कठुआ राजेश शर्मा ने किया। डॉ रामेश्वर सिंह ने कहा कि सरथल में अपार पर्यटन क्षमता है और यह क्षेत्र भविष्य में गुलमर्ग जैसा प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है। उन्होंने प्रशासन की व्यवस्थाओं और कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि यह उत्सव लंबे समय से लोगों का सपना रहा है।
जिला उपायुक्त कठुआ राजेश शर्मा ने कहा कि विंटर फेस्टिवल लोगों को उनकी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन भविष्य में भी ऐसे आयोजन करता रहेगा ताकि सरथल घाटी को जम्मू-कश्मीर का प्रमुख शीतकालीन पर्यटन स्थल बनाया जा सके।
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