केंद्रीय बजट 2026-27 के बाद ऊधमसिंह नगर जिले के सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में नई उम्मीदें जगी हैं। स्थानीय उद्योगपतियों और व्यापारिक संगठनों का मानना है कि बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाने, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन देने की घोषणाओं से औद्योगिक गतिविधियों को सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार पर जोर को उद्योग जगत सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है, क्योंकि इससे कच्चे माल की ढुलाई और तैयार माल की आपूर्ति दोनों में समय और लागत की बचत संभव होगी।
सिडकुल की कई इकाइयों के प्रबंधकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में परिवहन लागत और सप्लाई चेन की दिक्कतें उत्पादन पर असर डाल रही थीं लेकिन बजट में घोषित ढांचागत निवेश से इन चुनौतियों में कमी आने की उम्मीद है। एमएसएमई इकाइयों को ऋण सुविधा, तकनीकी उन्नयन और निर्यात प्रोत्साहन जैसी योजनाओं का लाभ मिलने की संभावना भी जताई जा रही है जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी। उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, यदि राज्य स्तर पर भी बिजली, भूमि और अनुमति प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया तो सिडकुल क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित हो सकते हैं। इससे न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
निर्यात उन्मुख इकाइयों को विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स सुधार और डिजिटल प्रक्रियाओं के सरलीकरण से फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ कारोबारियों का कहना है कि कर ढांचे में त्वरित राहत नहीं मिलने से अल्पकालिक लाभ सीमित रह सकता है, फिर भी दीर्घकाल में यह बजट उद्योग विस्तार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला साबित हो सकता है। कुल मिलाकर सिडकुल क्षेत्र के उद्योग जगत ने बजट को “संभावनाओं का बजट” बताते हुए उत्पादन, निवेश और रोजगार में वृद्धि की उम्मीद जताई है।