सिरसा जिले के ऐलनाबाद में प्रेमी-जोड़े सोमनाथ (34) और सरोज (34) ने जहरीला पदार्थ निगलकर सुसाइड कर लिया था। पुलिस जांच में इसका कारण सामने आया है कि दोनों लोक-लाज के डर से शर्मिंदगी महसूस करने लगे थे। उनके पास न परिजनों का स्पोर्ट था तो न ही बच्चे अपने
अब युवक के परिजन तो उसका शव पोस्टमार्टम के बाद ले गए। मगर युवती सरोज का शव लेने कोई नहीं आया। न मायके वाले तो न ही ससुराल वाले गए। दोनों ने युवती से किनारा कर लिया है और इसके बारे में कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया है। युवती का शव अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में मोर्चरी में रखा है। पुलिस शव सौंपने का इंतजार कर रही है। दोनों के मौत की गांव में खूब चर्चा है।
यहां तक कि सरोज के गांव रामगढ़ स्थित ससुराल में मृतका के बच्चों को भी ये नहीं बताया कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही। कुछ ऐसा ही हाल बुधवार को देखने को मिला। शाम को घर के आंगन में बच्चे खेल रहे थे, उनसे इस बारे में पूछा गया तो कोई जानकारी नहीं थी। युवती के परिजनों का कहना है कि सरोज ने उनके समाज में ‘नाक कटवा दी’ है और अब वह उनकी कुछ नहीं लगती। इस घटना के बाद पुलिस असमंजस की स्थिति में है।
सोमनाथ और सरोज का फाइल फोटो
यह जानिएं पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, रामगढ़ गांव के सोमनाथ और सरोज पिछले तीन साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। सरोज का मायका ओटू में हैं। सरोज की शादी 2013 में रामगढ़ गांव के मंगल सिंह के साथ हुई थी। सोमनाथ का मंगल के घर आना-जाना थाा और गांव की बहू सरोज से प्रेम हो गया। कुछ दिन तक लुक-छिपकर मिलते रहे। बाद में ये बात परिजनों को पता चली तो दोनों घर से फरार हो गए। परिवारों की पंचायत हुई, पर दोनों नहीं माने। ससुराल वालों ने उसे किनारा कर लिया।
सरोज के तीन बच्चे (दो लड़के और एक लड़की) हैं, जो दादा-दादी के पास रामगढ़ में रहते हैं। सोमनाथ अविवाहित था और मजदूरी करता था। वह दो भाई है। सामाजिक लोक-लाज के भय से दोनों ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। इन दिनों सोमनाथ परिजनों को कभी सिरसा तो बठिंडा में रहने की परिवार काे बताता था। मंगलवार रात करीब 8 बजे दोनों ऐलनाबाद में जहर पीया। वहां से डॉक्टरों ने सिरसा सिविल अस्पताल और यहां से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई।
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