हरिपुरधार से सौ मीटर पहले जैसे ही हादसा हुआ, लोग मदद की ओर दौड़े। सड़क पर जा रही अन्य गाड़ियों के लोग भी खाई में उतरे। बस के नीचे भी कई घायल दबे हुए थे। चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। करीब 100 लोग बस की बॉडी के आसपास खड़े हो गए और हाथों से उसे उठाने लगे। उलटी पड़ी बस के नीचे से घायल निकाले गए।
घायलों को स्थानीय लोग पीठ पर उठाकर सड़क तक लेकर गए। कहीं अकेले तो कहीं चार-चार लोगों ने एकसाथ मदद की। उठाने में दिक्कत हुई तो घायलों की शॉल लेकर उन्हें सड़क तक पहुंचाया। एक व्यक्ति घायल बच्चे को कंधे पर उठाकर लेकर गया। मौके पर एक घायल ने बताया कि बस की छत के अलग होने के बाद छिटक कर यात्री इधर-उधर गिरे हुए थे। बस की छत पर सवारियां होतीं तो और जानें जातीं।
निजी बस हादसा माघी पर्व से पहले गहरे जख्म दे गया है। शनिवार को जिले में माघी पर्व का आगाज होना था। इससे पहले लोग खरीदारी कर और त्योहार के लिए अपने घरों की तरफ लौट रहे थे लेकिन हरिपुरधार पहुंचने से पहले ही दर्दनाक हादसा पेश आया।
संगड़ाह में डॉ. निखिल, पूर्णिमा और सोनल ने एक साथ मिलकर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद नाहन रेफर किया। ददाहू अस्पताल प्रभारी डॉ. अशोक ठाकुर सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे। अधिकतर यात्री बस में हरिपुरधार, कुपवी आदि क्षेत्रों से सवार थे। गनीमत रही कि लुढ़कते हुए घर तक नहीं पहुंची, अन्यथा यहां भी लोग चपेट में आ सकते थे।
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