हरदोई। विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद ड्राफ्ट रोल तैयार करा लिए गए हैं। ड्राफ्ट रोल कल (छह जनवरी को) सार्वजनिक होंगे। ड्राफ्ट रोल को सभी मतदान केंद्रों पर प्रकाशित कराया जाएगा। एसआईआर अभियान के बाद ड्राफ्ट रोल में करीब 24.75 लाख मतदाता रह गए हैं। वहीं, ड्राफ्ट रोल पर दावा और आपत्तियां ली जाएंगी।
विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची को शुद्ध और सही-सही तैयार कराए जाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने करीब 22 साल बाद एसआईआर अभियान दिया। अभियान में साल 2025 जून तक मतदाता सूची में शामिल रहे सभी मतदाताओं से एसआईआर फॉर्म भरवाया गया। अभियान के दौरान वास्तविक मतदाताओं के साथ ही गैरहाजिर, शिफ्टेड, मृतक और डुप्लीकेट मतदाताओं को भी चिह्नित किया गया। जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर अभियान से पहले 30,19,415 मतदाता शामिल थे।
एसआईआर अभियान में फॉर्म भरवाए जाने और विभिन्न श्रेणी में चिह्नित किए गए मतदाताओं के बाद ड्राफ्ट रोल में करीब 24.75 लाख नाम रह गए हैं। इन्हीं नामों को छह जनवरी को सभी मतदान केंद्रों पर सार्वजनिक प्रकाशित कराया जाएगा। अभियान के दौरान करीब 5.44 लाख नाम विभिन्न श्रेणी में मतदाता सूची से हटाए गए हैं। ड्राफ्ट रोल के परीक्षण के बाद लोग छह जनवरी से छह फरवरी तक दावा और आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे। दावा और आपत्तियों को निस्तारित किए जाने के बाद नामों को जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी। उसी के बाद सही और शुद्ध मतदाता सूची तैयार हो सकेगी और मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन छह मार्च को प्रस्तावित है।
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2.25 लाख लोगों को दिया जाएगा नोटिस
साल 2003 की मतदाता सूची में शामिल लोगों में से एसआईआर अभियान में उनके फॉर्म तो आए लेकिन उनके नाम की आयोग के पोर्टल पर मैपिंग नहीं हो पाई है। भारत निर्वाचन आयोग की व्यवस्था में ऐसे नामों के लोगों को नोटिस दिए जाएंगे। एसआईआर अभियान में छह जनवरी को ड्राफ्ट रोल आएगा। साल 2003 की मतदाता सूची में शामिल रहे नामों में से 2,25,940 मतदाताओं की एसआईआर में मैपिंग नहीं हुई है, जिनका नोटिस तैयार कराया जा रहा है।
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ईआरओ और एईआरओ करेंगे सुनवाई
एसआईआर अभियान में ड्राफ्ट रोल के प्रिंट के लिए डाटा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय भेजा जा चुका है। नो मैपिंग वाले मतदाताओं की ऑटो जनरेटेड नोटिस भी पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगी। छह जनवरी को ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन के बाद नोटिस जारी किए जाएंगे। जिन पर निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) सुनवाई करेंगे। इसके लिए विधानसभा क्षेत्रवार स्थलों का भी निर्धारण करा लिया गया है। -प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
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