KhatuShyam Ji: खाटूश्यामजी के फाल्गुन मेले में एकादशी पर बाबा श्याम 1.5 करोड़ रुपये की लागत वाले 125 किलो चांदी के रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले. बाबा का श्रृंगार बैंकॉक, हॉलैंड और केन्या से आए विदेशी फूलों से किया गया, जबकि मंदिर को जगन्नाथपुरी की थीम पर सजाया गया है. करीब 30 हजार भक्तों के साथ 1 घंटे से अधिक चली इस रथयात्रा के दौरान पूरा खाटू धाम ‘जय श्री श्याम’ के जयकारों से गुंजायमान रहा. मेले का समापन 28 फरवरी को सूरजगढ़ के निशान के साथ होगा.
एकादशी के पावन अवसर पर बाबा श्याम का श्रृंगार बेहद खास और अंतरराष्ट्रीय स्तर का किया गया है. बाबा के दरबार और रथ को सजाने के लिए विशेष रूप से बैंकॉक, हॉलैंड और केन्या से दुर्लभ फूल मंगवाए गए हैं. इन विदेशी फूलों की खुशबू और खूबसूरती ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इसके अलावा, मंदिर के दरबार को इस बार ओडिशा के प्रसिद्ध ‘जगन्नाथपुरी मंदिर’ की थीम पर सजाया गया है. श्रृंगार की भव्यता का आलम यह था कि दिल्ली से आए विशेष बैंड की धुन पर 30 हजार से ज्यादा श्रद्धालु रथ के साथ नाचते-गाते चले. यह रथयात्रा करीब 1 घंटे 5 मिनट तक चली, जो कबूतर चौक और हॉस्पिटल चौराहा जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए दोपहर 12:20 बजे वापस मंदिर पहुंची.
11 हजार डमरू और 12 ज्योतिर्लिंग की झांकी
इस साल के फाल्गुन मेले में तकनीकी और सांस्कृतिक भव्यता का अनूठा संगम देखने को मिला है. श्री श्याम मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मोहनदास महाराज ने बताया कि गर्भगृह के सामने इस बार 11 हजार डमरुओं से विशेष सजावट की गई है, जो भगवान शिव की शक्ति का प्रतीक है. श्रद्धालुओं के लिए 20 फीट ऊंची भगवान गजानंद की झांकी और नंदी के दर्शन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. इसके साथ ही, गर्भ गृह में प्रवेश से पहले भक्तों को 12 ज्योतिर्लिंग, राम दरबार और भगवान कृष्ण की जीवंत झांकियों के दर्शन कराए जा रहे हैं. मेले की शुरुआत 21 फरवरी से हुई थी और अब तक करीब 11 लाख से अधिक भक्त बाबा के दरबार में शीश नवा चुके हैं.
मेले का समापन और सूरजगढ़ का निशान
10 दिवसीय इस महापर्व का समापन शनिवार, 28 फरवरी को सूरजगढ़ का प्राचीन निशान चढ़ने के साथ होगा. आज एकादशी पर उमड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है. 350 साल पुरानी इस रथयात्रा की परंपरा को निभाने के लिए देश-विदेश से श्याम भक्त खाटू धाम पहुंचे हैं. भक्तों का मानना है कि एकादशी के दिन रथ पर सवार बाबा के दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट मिट जाते हैं.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें
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