Shimla News: शिमला के चलौंठी में एक 6 मंजिला रिहायशी मकान में अचानक बड़ी दरारें दिखाई देने लगीं. हालात को देखते हुए प्रशासन ने रात 10 बजे मकान को खाली करवाया. इस इमारत में रह रहे 15 परिवारों को कड़ाके की ठंड में अपने बच्चों और बुजुर्गों के साथ सड़क पर आना पड़ा.
कुछ देर बाद एक होटल समेत कई अन्य मकानों को भी खाली करवाया गया. इससे होटल में ठहरे टूरिस्ट भी सड़कों पर आ गए. मकान और होटल के साथ साथ ढली-संजौली बाईपास सड़क में भी दरारें आ गईं. इसे देखते हुए प्रशासन ने देर रात ही इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी और मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया.
शिमला के भट्टाकुफर से संजौली के चलौंठी को फोरलेन की टनल का काम चल रहा है. चलौंठी में टनल निर्माण की वजह से कई घर खतरे की जद में आ गए है. स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 3 दिन पहले दीवारों में हल्की दरारें दिखने लगी थीं. इस बारे में निर्माण कंपनी और जिला प्रशासन को अवगत भी कराया गया था. तब कंपनी कर्मचारियों ने भवन को सुरक्षित बताते हुए किसी बड़े खतरे से इनकार किया था. शुक्रवार शाम को अचानक दरारें तेजी से बढ़ीं, जिसके बाद स्थिति गंभीर हो गई और देर रात मकान खाली करवाने का फैसला लेना पड़ा.
मकान खाली तो करवा दिया गया, लेकिन प्रभावित परिवारों के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं की गई. रात पौने 12 बजे तक महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग ढली बाईपास सड़क पर बैठे नजर आए. कुछ लोगों ने ठंड से बचने के लिए सड़क किनारे आग जलाई. इससे नाराज लोगों ने प्रशासन और निर्माण कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए. स्थानीय लोगों का कहना है कि टनल निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग और बड़ी बड़ी मशीनों के इस्तेमाल से उनके घरों तक वाइब्रेशन हो रही है. कंपनी को कई बार ब्लास्टिंग नहीं करने को बोला गया. मगर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया.
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