Himachal Pradesh Government : हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस मामले में सख्ती कर दी है. सालों से निष्क्रिय पड़े बैंक खातों को भी चिन्हित किया गया है. सरकार ने आदेश दिए हैं कि ऐसे खातों को तुरंत एक्टिव कर उनमें पड़ी राज्य सरकार की धनराशि (CSS और स्कूल फंड को छोड़कर) सरकारी कोष में जमा करवाई जाए. इससे लंबे समय से फंसी सरकारी रकम को वापस सिस्टम में लाया जा सकेगा. आइये जानते हैं डिटेल
दरअसल, इस कड़ी में निदेशालय स्कूल शिक्षा ने सभी उप निदेशकों (प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा) को साफ और सख्त निर्देश जारी किए हैं. आदेशों के अनुसार अब एक ही डीडीओ (ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) कार्यालय के नाम पर चल रहे कई बैंक खातों को बंद कर सिंगल बैंक अकाउंट चलाया जाएगा. इसका मकसद सरकारी पैसे के प्रवाह पर बेहतर नियंत्रण और जवाबदेही तय करना है.
दिव्य हिमाचल की रिपोर्ट कहती है कि हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्र प्रायोजित योजनाएं जैसे सर्व शिक्षा अभियान (SSA), राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA), STARS, मिड-डे मील (MDM), NLIP और छात्रवृत्ति योजनाएं इस व्यवस्था से पूरी तरह अलग रहेंगी.. ताकि इन योजनाओं को चलाने में किसी तरह की दिक्कत ना आए.
सरकार ने एक और अहम फैसला लेते हुए यह जरूरी कर दिया है कि राज्य सरकार के खाते से निकाली गई राशि पर बैंक में कमाया गया ब्याज अब संबंधित कार्यालय अपने पास नहीं रख सकेंगे. यह ब्याज राशि सीधे सरकारी खाते में जमा करानी होगी. जिन कार्यालयों ने अब तक यह ब्याज जमा नहीं करवाया है, उन्हें तुरंत जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं.
यह सख्ती यहीं नहीं रुकी है. सालों से निष्क्रिय पड़े बैंक खातों को भी चिन्हित किया गया है. सरकार ने आदेश दिए हैं कि ऐसे खातों को तुरंत एक्टिव कर उनमें पड़ी राज्य सरकार की धनराशि (CSS और स्कूल फंड को छोड़कर) सरकारी कोष में जमा करवाई जाए. इससे लंबे समय से फंसी सरकारी रकम को वापस सिस्टम में लाया जा सकेगा.
निदेशालय ने सभी उप निदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 10 दिनों के भीतर ई-मेल के माध्यम से भेजें. इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों में भी इसी तरह की कार्रवाई तेज की जाएगी.
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Senior Assistant Editor in News18 Hindi with the responsibility of Regional Head (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, Jharkhand, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Haryana). Active in jou…और पढ़ें
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