Himachal Panchayat Chunav 2026: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल की रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट बंद करने पर भाजपा को घेरा, इसे प्रदेश के विकास और योजनाओं के लिए घातक बताया. सीएम सुक्खू गुरुवार को ऊना के दौरे पर गए थे और वहां से फिर बिलासपुर के घुमारवीं पहुंचे हैं.
CM सुखविंदर सिंह सुक्खू.
मुख्यमंत्री का कहना है कि यदि प्रदेश भाजपा केंद्र के इस फैसले का समर्थन करती है तो उसे प्रदेश की जनता के सामने खुलकर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे हिमाचल के साथ केंद्र सरकार ने सोची-समझी रणनीति के तहत अन्याय किया है, जिसका सीधा असर प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनावों को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय जाने के मुद्दे पर भी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि सरकार चुनावों के विरोध में नहीं बल्कि आपदा प्रबंधन अधिनियम की व्याख्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची है.
दरअसल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू वीरवार को जिला के संक्षिप्त दौरे पर रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी खत्म करने का निर्णय हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए घातक साबित होगा. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी केंद्र सरकार के इस फैसले के साथ खड़ी है, और यदि हां, तो उसे प्रदेश की जनता को सच्चाई बतानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले ही गंभीर आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम केंद्र की ओर से प्रदेश के साथ किए जा रहे अन्याय का हिस्सा है. इसके चलते विकास कार्य प्रभावित होंगे और आम जनता के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार जनता की सेवा के उद्देश्य से सत्ता में आई है और प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा.
पंचायत चुनावों को लेकर उच्चतम न्यायालय जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पंचायत चुनावों के खिलाफ नहीं है. उन्होंने बताया कि लगातार प्राकृतिक आपदाओं के चलते हिमाचल प्रदेश की परिस्थितियां बेहद विकट हो चुकी हैं, जिस कारण प्रदेश में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू किया गया है. इसी अधिनियम और पंचायत चुनाव से जुड़े दो कानूनों की व्याख्या को लेकर सरकार ने माननीय उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है.
क्या है आरडीजी ग्रांट
गौरतलब है कि वित्त आयोग देश के 17 राज्यों को रैवेन्यू डेफेसिट ग्रांट जारी करता था. यानी सरकारी की आय और घाटे की क्षतिपूर्ति का आंकलन करने के बाद पैसा जारी होता था. हिमाचल को कभी 11 हजार करोड़ रुपये अधिक ग्रांट मिलती थी. लेकिन घटते घटते यह 3200 करोड़ पहुंच गई थी. अब इसे भी बंद कर दिया गया है.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
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