SEOC की रिपोर्ट के मुताबिक 23 जनवरी की सुबह तक प्रदेश में 452 सड़कें बंद थीं, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल थे. शाम होते-होते हालात और बिगड़ गए और बंद सड़कों की संख्या बढ़कर 563 पहुंच गई. इसी तरह बिजली व्यवस्था पर भी असर बढ़ा है. सुबह 4274 ट्रांसफॉर्मर ठप थे, जो शाम तक बढ़कर 4797 हो गए. हालांकि रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश में किसी भी जिले में पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित नहीं हुई हैं.
चंबा जिले में सबसे ज्यादा 105 सड़कें बंद
लाहौल-स्पीति जिले में हालात सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं. यहां 290 सड़कें बंद हैं और कोकसर-रोहतांग मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-03 तथा सुमदो-लोसर मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-505 बर्फबारी के चलते यातायात के लिए बंद कर दिए गए हैं. जिले में 53 ट्रांसफॉर्मर बाधित बताए गए हैं.
मंडी जिले में 64 सड़कें बंद हैं और 901 ट्रांसफॉर्मर ठप
बिलासपुर, हमीरपुर और किन्नौर जिलों से सड़क और बिजली व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की बाधा की सूचना नहीं मिली है. वहीं शिमला जिले से सड़कों को लेकर रिपोर्ट अभी प्रतीक्षित है. SEOC के अनुसार सुबह शिमला में बिजली आपूर्ति न होने के कारण रिपोर्ट भेजने में समस्या आई, जबकि जनरेटर भी ईंधन की कमी के चलते चालू नहीं हो पाया.
जारी हुई एडवाइजरी
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है. बंद सड़कों को जल्द खोलने और बाधित बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश जारी किए गए हैं. प्रशासन ने बर्फबारी और खराब मौसम को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जारी की गई एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है.
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