वीरभद्र सरकार में कांगड़ा के ज्वाली विधानसभा से पूर्व सीपीएस और विधायक रहे नीरज भारती ने फेसबुक पर लिखा कि बाहरी प्रदेश के कई आईएएस और आईपीएस अधिकारी ऐसे हैं, हिमाचल प्रदेश में जो मंत्रियों और विधायकों के फोन तक नहीं उठाते. फोन की स्क्रीन देख कर नाम पढ़ कर फोन उल्टा रख देते हैं.
नीरज ने लिख कि सभी तो नहीं लेकिन 60-70 प्रतिशत बाहर के अधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें हिमाचल प्रदेश या हिमाचलियों के हितों से कोई सरोकार नहीं है. कांग्रेसियों को याद होगा जब विपक्ष में थे तो एक सीनयिर आईपीएस अधिकारी पर पुलिस भर्ती घोटाले का आरोप लगाया था. जब कभी भी कांग्रेस या कांग्रेस के फ्रंटल संगठन विधानसभा घेराव करते थे तो वही आईपीएस अधिकारी लाठीचार्ज भी करवाता था कांग्रेसियों पर, लेकिन कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मजे से पूरा समय काट कर ठाठ से रिटायर होकर गया. पता नहीं, सरकार बनने के बाद उस अधिकारी के खिलाफ किया गया कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन कहां गया.
विक्रमादित्य सिंह ने क्या कहा था
गौर रहे कि विक्रमादित्य सिंह ने फेसबुक पर लिखा था कि हिमाचल प्रदेश में तैनात यूपी बिहार के आईपीएस और आईएएस अधिकारी प्रदेश के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. उन्होंने लिखा था, ’हम उप-मुख्य मंत्री के हिमाचल प्रदेश के मंडी के अभिभाषण से सहमत है. कुछ यूपी और बिहार के आला आईएएस और आईपीएस अधिकारी हिमाचल में हिमाचलियत की धज्जिया उड़ा रहे हैं, उन्हें हिमाचल से कोई जयादा सरोकार नहीं है. समय रहते हुए उनसे निपटने की आवश्यकता है. नहीं तो हिमाचल के हित निपट जाएँगे.हम बाहर के राज्य के अधिकारियों का पूर्णतय सम्मान करते है लेकिन उन्हें हिमाचली अधिकारियों से सीख लेने की आवश्यकता है, हिमाचल के हित के साथ कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जब तक हिमाचल में हों हिमाचल के लोगों की सेवा करो, शासक बनने की गलती ना करों.’’
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