दसअसल, जिला लाहौल एवं स्पीति के सिस्सू वार्ड में सोमवार को को आयोजित जिला परिषद (ज़िला परिषद) की बैठक में पारित प्रस्ताव किया कि हालडा उत्सव का आयोजन 15 जनवरी 2026 से किया जाएगा और जो लगभग डेढ़ माह तक चलेगा और 28 फरवरी तक सैलानी यहां पर नहीं आ पाएंगे.
केलांग की एसडीएम कुनिका एकर्स ने अपने आदेशों में कहा कि हालडा उत्सव के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीएनएल संहिता, 2023 की धारा-163 तथा मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 के अंतर्गत आदेश जारी किए गए हैं. उन्होंने कहा कि 14 जनवरी से अगले आदेशों तक कुठबिहाल से कोकसर और सिस्सू की ओर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी. साथ ही कोकसर, सिस्सू, डिम्फुक एवं रामठांग क्षेत्रों में सभी प्रकार की पर्यटक गतिविधियों तथा लाउडस्पीकर के उपयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा.
केलांग की एसडीएम कुनिका एकर्स ने जारी किए आदेश.
एसडीएम ने बताया कि हालांकि, यह प्रतिबंध सीमा सड़क संगठन (BRO) के वाहनों तथा एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवाएं, पुलिस वाहन एवं अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं पर लागू नहीं होगा. सभी संबंधित विभागों, फील्ड अधिकारियों, प्रवर्तन एजेंसियों एवं आम जनता से इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की अपील की जाती है. आदेश का उल्लंघन करने पर कानून के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. उधऱ, मनाली घुमने आ रहे सैलानी अटल टनल के अलावा, केलांग की तरफ जा सकते हैं. साथ ही सिस्सू के अलावा, अन्य इलाकों में घूम सकते हैं.

सिस्सू पंचायत को लेकर सोमवार को मीटिंग में फैसला लिया गया.
क्या होता है हालडा उत्सव
दरअसल, हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में हालडा उत्सव मनाया जाता है. जनवरी के महीने में बौद्ध पंचांग के अनुसार नए साल के आगमन होता है और इसी खुशी में यह आयोजन होता है. साथ ही इस दौरान बुरी और नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव को कम करने के लिए भी लोग पूजा अर्चना करते हैं. वहीं, देवी-देवताओं से अच्छी फसल और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं. इस आयोजन के दौरान लोग मशालें लेकर जुलूस निकालते हैं और नाचते गाते हैं. हाथों में मशालें लेकर “हालडा हो, हालडा हो” के नारे लगाते हुए जुलूस निकाला जाता है.
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