दिल्ली/ शिमला हिमाचल प्रदेश में मंत्री विक्रमादित्य सिंह (टिका) के बयान को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. सहयोगी मंत्रियों ने जहां विक्रमादित्य सिंह को खरी खरी सुनाई है. वहीं, अब एक मंत्री का साथ उन्हें मिला है. शिमला के कोटखाई से विधायक और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विक्रमादित्य सिंह को काबिल मंत्री बताया और एक स्टेटमेंट को जर्नलाइज नहीं करना चाहिए.
उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू से अपील की है कि वह इस मामले पर लोगों के सामने स्पष्टता दें ताकि सभी शंकाएँ दूर हों और स्थिति स्पष्ट रहे. हालांकि अब इस बयान पर सीएम सुक्खू भी विक्रमादित्य सिंह पर भड़के हैं.
वहीं, सीएम ने दिल्ली में गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं और कोई विवाद नहीं हैं. हालांकि, शुक्रवार को सीएम ने विक्रमादित्य पर तीखा बयान दिया और उन्हें खरी खरी सुनाई. न्यूज 18 से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमादित्य को अपने विभाग से मतलब रखना चाहिए और अधिकारियों को लेकर दिया गया उनका बयान गलत है. सीएम ने कहा कि पहले भारत है फिर राज्य है.गौर रहे कि सीएम ने इससे पहले, मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की और फिर न्यूज 18 से बात की. यानी माना जा सकता है कि कहीं ना कहीं मल्लिकार्जुन खरगे से सीएम की बात हुई है.
सीएम सुक्खू ने दिल्ली में क्या कहा
चार मंत्रियों ने विक्रमादित्य सिंह पर क्या कहा था
सबसे पहले इस मामले मामले में परिवहन मंत्री और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने बात रखी थी. हालांकि, उन्होंने बयान से पल्ला झाड़ लिया था औऱ कहा था कि उन्होंने बयान नहीं सुना है. वहीं, मंत्री जगत सिंह नेगी ने बयान को गलत बताया था औऱ कहा था कि विक्रमादित्य सिंह को अफसरों के नाम बताने चाहिए थे. इसके अलावा, मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने तो विक्रमादित्य सिंह पर तीखा हमला किया था और कहा था कि वह अफसरों से काम नहीं ले पार रहे हैं और इसलिए ऐसे बयान दे रहे हैं. मंत्री राजेश धर्माणी ने भी विक्रमादित्य सिंह के बयान को नुकसानदेह करार दिया था.
12 जनवरी को विक्रमादित्य सिंह ने क्या कहा था
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