हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने आर्थिक संकट के चलते बाहरी राज्यों के वाहन चालकों के लिए एंट्री टैक्स लगभग दोगुना कर दिया है, नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी. आर्थिक हालात खराब होने पर सरकार ने सैलानियों को बड़ा झटका दिया है और एंट्री टैक्स में ढाई गुना इजाफा किया है. कार के लिए पहले 70 रुपये लगते थे और अब 170 कर दिए गए हैं.
हिमाचल प्रदेश में स्टेट एंट्री बैरियर्स पर वाहनों से अब ढाई गुना वसूली की जाएगी.
दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बैरियर नीति अधिसूचित कर दी है और यह एक अप्रैल से लागू होगी. नई दरों के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी समेत अन्य राज्यों के सैलानियों को हिमाचल प्रदेश में एंट्री के लिए अब 170 रुपये चुकाने होगे. इससे पहले, 70 रुपये लिए एंट्री टैक्स लगता था. उधर, 12 प्लस 1 सवारी बिठाने वाले जिन वाहनों से पहले 110 रुपये लिए जाते थे, उने भी अब 170 रुपये वसूले जाएंगे.हेवी वाहनों से पहले 720 रुपये एंट्री टैक्स लिया जाता था, लेकिन अब 900 रुपये चुकाने होंगे.
निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी जैसे जेसीबी और अन्य वाहनों से पहले 570 रुपये टैक्स लगता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 800 रुपये कर दिया गया है. ट्रैक्टर का प्रवेश शुल्क सीधे 70 रुपए से 100 रुपये किया गया है. हालांकि, डबल एक्सल बस और ट्रक के लिए 570 रुपये फीस रखी गई है, जिसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है.
जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में सिरमौर के गोविंदघाट, नूरपुर के कंडवाल, ऊना के मैहतपुर, बद्दी, परवाणू और बिलासपुर जिले के गरामोड़ा के पास राज्य एंट्री टैक्स बैरियर हैं. अहम बात है कि हिमाचल प्रदेश के वाहनों के लिए यहां पर कोई एंट्री टैक्स नहीं लगता है और उन्हें फ्री में एंट्री मिलती है. इस बैरियर्स पर अब फास्ट टैग भी लगाए जाएंगे. इस बैरियर्स की नीलामी के लिए डीसी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है और इसमें आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी सदस्य होंगे. इन एंट्री बैरियर्स की नीलामी ऑनलाइन होगी और एक टोल के लिए बोली 5 करोड़ रुपये रखी गई है. बोलीदात्ता को 25 हजार रुपये की फीस देनी होगी, जो कि बाद में रिफंड नहीं होगी.
हिमाचल में एंट्री की नई दर्रें.
आर्थिक संकट के बीच लिया फैसला
हिमाचल प्रदेश मौजूदा समय में गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और ऐसे में सरकार ने आय बढ़ाने के लिए यह इजाफा किया है. लगातार सरकार पर टैक्स लगाने का दवाब बढ़ रहा है.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
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