घटना के वक्त रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी में तैनात पटवारी शिवा खुराना ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने बिना देर किए CPR देना शुरू किया। करीब 10 मिनट तक लगातार प्रयास किए गए। इस दौरान यात्रियों ने एंबुलेंस बुलवाई और स्टेशन पर आपात स्थिति बन गई। CPR के बाद शंकर दास को एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने ECG और प्राथमिक जांच की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती तौर पर मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
अस्पताल चौकी प्रभारी बोन्दर सिंह ने बताया कि शव अस्पताल लाया गया था, लेकिन जीवन रक्षक उपाय विफल रहे। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का आधिकारिक कारण स्पष्ट होगा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रुद्राक्ष महोत्सव के चलते भारी भीड़ थी। श्रद्धालु कई किलोमीटर पैदल चले थे। उम्र अधिक होने और लगातार यात्रा, भीड़ व थकान के चलते हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पहुंचेगी।
पढे़ं: पुलिस कस्टडी में आरोपी ने लगाई फांसी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; 151 में पुलिस ने पकड़ा था
स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल
घटना के बाद स्टेशन पर कुछ देर के लिए ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। यात्री सहमे नजर आए। कई लोगों ने पहली बार स्टेशन पर किसी को CPR देते देखा। कुछ यात्रियों का कहना था कि अगर मौके पर मेडिकल स्टाफ और उपकरण होते, तो शायद जान बच सकती थी। शंकर दास के परिवार को जैसे ही सूचना मिली, घर में कोहराम मच गया। वे धार्मिक यात्रा पर निकले थे और परिवार को उम्मीद थी कि सकुशल लौटेंगे। लेकिन स्टेशन पर हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
सवालों के घेरे में रेलवे की तैयारी
इस घटना ने रेलवे स्टेशन पर आपात स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। न तो मौके पर ऑटोमेटेड डिफिब्रिलेटर (AED) था, न कोई प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ। सिर्फ यात्रियों और एक पटवारी के प्रयासों पर ही निर्भर रहना पड़ा। कुबेरेश्वर धाम में दर्शन के लिए पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं में शंकर दास भी एक थे। लेकिन उनकी आस्था की यह यात्रा स्टेशन पर ही खत्म हो गई। अब यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों और रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल इमरजेंसी की पुख्ता व्यवस्था जरूरी है, वरना हर यात्रा सुरक्षित नहीं रह पाएगी।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.