प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाके की आवाज इतनी भयानक थी कि आसपास के गांवों तक लोगों ने इसे महसूस किया। सड़क से लगभग 50 फीट दूर युवक का क्षत-विक्षत शव और 70 फीट दूर तक बाइक के लोहे के टुकड़े उड़कर जा गिरे। मौत का यह भयानक मंजर देखकर कई लोग दहशत में जमीन पर बैठ गए, कुछ की चीखें निकल पड़ीं, तो कुछ मोबाइल से वीडियो बनाने लगे।
मौत की वजह, बाइक पर लाद रखा था विस्फोटक
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि युवक कुओं में ब्लास्टिंग का काम करता था और वह भारी मात्रा में डेटोनेटर लेकर जा रहा था। मृतक की पहचान जमली निवासी सुखराम बरेला (30 वर्ष) के रूप में हुई है। जो रविवार की दोपहर रामनगर जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि वह रोजाना इसी रास्ते से विस्फोटक सामग्री लेकर कुओं में ब्लास्टिंग करने जाया करता था। इसी दौरान बाइक पर रखा विस्फोटक अचानक सक्रिय हो गया और यह दर्दनाक हादसा हो गया।
पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची
सूचना मिलते ही इछावर थाना पुलिस, एएसआई मनोज गोस्वामी और थाना प्रभारी पंकज वाडेकर दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके को सील कर दिया गया। फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) टीम को बुलाकर विस्फोट के नमूने एकत्र किए गए। पुलिस का कहना है कि विस्फोटक की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही की जाएगी, लेकिन शुरुआती साक्ष्य डेटोनेटर की ओर इशारा कर रहे हैं। सड़क को घंटों तक आम यातायात के लिए बंद रखा गया।
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अवैध विस्फोटक नेटवर्क पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर जिले में चल रहे अवैध विस्फोटक परिवहन और गैरकानूनी ब्लास्टिंग नेटवर्क पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक खुलेआम बाइक से कैसे ले जाया जा रहा था? क्या प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है? ग्रामीणों का आरोप है कि कुओं की खुदाई में वर्षों से अवैध रूप से डेटोनेटर और बारूद का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। इछावर थाना प्रभारी पंकज वाडेकर ने कहा कि विस्फोटक की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी। इस घटना के बाद अवैध विस्फोटक सामग्री के परिवहन और इस्तेमाल को लेकर मामले की गहन जांच जारी है।स
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