राज्यपाल के आगमन की तैयारियां विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कई महीनों से की जा रही थीं। इसके बावजूद मंच और आसपास के क्षेत्र में मौजूद मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। एक संवेदनशील कार्यक्रम में इस तरह की लापरवाही सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल देती है।
कुलगुरु का विवादित बयान
घटना के बाद जब विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राकेश कुशवाह से इस मामले में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा,’प्रकृति और मधुमक्खियां भी हमारे साथ थीं।’ उनके इस बयान को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। उनका बयान कई लोगों को गैर-जिम्मेदाराना लगा और इसे गंभीर सुरक्षा चूक को हल्के में लेने जैसा बताया जा रहा है।
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दीक्षांत समारोह में बड़ी संख्या में मौजूद थे छात्र और शिक्षक
राज्यपाल मंगुभाई पटेल शुक्रवार को विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में शामिल होने छतरपुर पहुंचे थे। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जब पहले से जानकारी थी, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
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