झारखंड को नक्सलमुक्त करने के लक्ष्य के तहत केंद्र सरकार और राज्य पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी क्रम में केंद्रीय सुरक्षा बलों और झारखंड पुलिस द्वारा चलाई जा रही व्यापक कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान चाईबासा के दुर्गम सारंडा जंगल में लगातार बड़ी सफलताएं दर्ज की जा रही हैं।
शुक्रवार की मुठभेड़ में छह नक्सलियों की मौत
शुक्रवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में अब तक छह नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इनमें एक महिला नक्सली भी शामिल है। मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन तलाशी अभियान जारी है।
एक दिन पहले 15 नक्सली ढेर, संगठन को बड़ा झटका
इससे पहले गुरुवार को इसी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने डेढ़ करोड़ और एक करोड़ के इनामी नक्सलियों सहित कुल 15 नक्सलियों को मार गिराया था। लगातार दो दिनों में 21 नक्सलियों के मारे जाने से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है।
अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद बरामद
मारे गए नक्सलियों के पास से सुरक्षाबलों ने अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इससे नक्सलियों की परिचालन क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
अनल उर्फ पतिराम मांझी की मौत को निर्णायक माना जा रहा
गुरुवार को मारे गए प्रमुख नक्सलियों में अनल उर्फ पतिराम मांझी (CCM) शामिल है, जिस पर झारखंड में एक करोड़, उड़ीसा में एक करोड़ बीस लाख और एनआईए द्वारा 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके साथ अनमोल उर्फ सुशांत, अमित मुंडा, पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालु, राजेश मुंडा, बुलबुल अलदा, बबिता, पूर्णिमा और सुरजमुनी जोंगा जैसे कई सक्रिय नक्सली भी मारे गए हैं, जिन पर दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे।
सारंडा में हिंसक घटनाओं में अहम भूमिका
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वर्ष 2022 से अब तक कोल्हान क्षेत्र के सारंडा जंगल में माओवादियों द्वारा किए गए विस्फोट और हिंसक घटनाओं में अनल उर्फ पतिराम मांझी की प्रमुख भूमिका रही है। उसके मारे जाने को नक्सल नेटवर्क के लिए निर्णायक झटका माना जा रहा है। सुरक्षाबलों का कहना है कि इस अभियान से माओवादी संगठन की कमर टूट चुकी है और आने वाले दिनों में क्षेत्र को पूरी तरह नक्सलमुक्त करने के लिए ऑपरेशन और तेज किया जाएगा।
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