एमसीबी जिले के केल्हारी एसडीएम इंद्रा मिश्रा ने केल्हारी, कछौड़, घुटरा और डोडकी के धान खरीदी केंद्र प्रबंधकों को 139 किसानों का धान न खरीदने का नोटिस जारी किया है। इन किसानों में पहले 114 और बाद में 25 किसान शामिल हैं।
एसडीएम ने बताया कि 19 नवंबर को वन अधिकार पट्टों के सत्यापन के लिए भेजे गए दस्तावेजों का मिलान नहीं हो रहा है, जिसके कारण इन किसानों से धान नहीं खरीदा जा सकता।
नोटिस जारी होने के बाद प्रभावित किसान परेशान हैं और अविभाजित कोरिया तथा एमसीबी जिला मुख्यालयों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि धान बेचने की अंतिम समय सीमा 31 दिसंबर है और उनके टोकन अभी तक नहीं कटे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके वन अधिकार पट्टे कोरिया और एमसीबी दोनों जिलों में सत्यापित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक त्रुटि के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। किसानों ने एसडीएम पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया।
एसडीएम के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इस मामले में आदिवासी किसानों के सर्वाधिक प्रभावित होने की बात कही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द त्रुटि सुधार कर इन किसानों का धान नहीं खरीदा, तो केल्हारी एसडीएम के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
कमरो ने एसडीएम पर जानबूझकर किसानों को परेशान करने का आरोप लगाया ताकि वे अपना धान न बेच सकें।
इस संबंध में आदिम जाति अनुसूचित जाति विकास विभाग की सहायक आयुक्त अंकिता मरकाम से संपर्क किया गया। उन्होंने कैमरे पर कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया, लेकिन ऑफ कैमरा बताया कि इन हितग्राहियों के पट्टों का मिलान किया जा रहा है।

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