छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ग्राम पंचायत खर्रा के सरपंच और सचिव पर शासकीय राशि लगभग 1 लाख 25 हजार रुपये का फर्जी बिल लगाकर गबन करने का गंभीर आरोप लगा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी की शिकायत पर छाल थाने में मामला दर्ज किया गया है और पुलिस जांच में जुट गई है। यह घटना धरमजयगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र में सामने आई है, जिसने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच में सामने आई धांधली
प्रशासन को ग्राम पंचायत खर्रा की उप सरपंच श्रीमती सुकवारा से एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी। इस शिकायत के आधार पर, भारत सरकार की अधिकृत वेबसाइट ई-ग्राम स्वराज पर ग्राम पंचायत के वित्तीय खातों की जांच की गई। जांच के दौरान यह पाया गया कि ग्राम पंचायत के सचिव ओम प्रकाश श्रीवास और सरपंच श्रीमती परमेश्वरी राठिया ने मिलकर 09 अक्टूबर को बोर खनन के लिए 90 हजार रुपये और नाली निर्माण कार्य के लिए 35 हजार रुपये का भुगतान दिखाया। यह कुल राशि 1 लाख 25 हजार रुपये थी, जिसे फर्जी कोरे बिलों के माध्यम से आवंटित किया गया था। इस प्रकार, दोनों आरोपियों पर शासकीय राशि के दुरुपयोग और गबन का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
मुख्य कार्यपालन अधिकारी मदनलाल साहू द्वारा छाल थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर, पुलिस ने ग्राम पंचायत खर्रा के सचिव ओम प्रकाश श्रीवास और सरपंच परमेश्वरी राठिया के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है और सरकारी धन के दुरुपयोग के प्रति चिंता जताई जा रही है। मामले की विस्तृत जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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