समस्तीपुर टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. पवन कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग के सचिव सह राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक ने कार्रवाई की है। साथ ही विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। पिछले दिनों टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में मारपीट और कार्यालय कक्ष के टेबल पर शराब की बोतल रखे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यह कार्रवाई कर्मचारियों के साथ मारपीट और कॉलेज की दयनीय स्थिति को लेकर की गई है। मारपीट की घटना के बाद से प्रभारी प्राचार्य लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। उनका मोबाइल भी बंद है। मारपीट मामले में FIR दर्ज डॉ. पवन कुमार सिंह पर कॉलेज के स्टाफ से मारपीट का आरोप लगा है। कर्मी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में एडमिट कराया गया था। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। जिसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से एक जांच टीम का गठन किया गया था। व्याख्याता डॉ. अंजलि कुमारी को अतिरिक्त वित्तीय अधिकार सहित प्रभारी प्राचार्य का दायित्व दिया गया है। कॉलेज कर्मी से मारपीट को लेकर मुफस्सिल थाने में एक प्राथमिक की दर्ज की गई थी। 18 जनवरी को पहुंची थी जांच टीम शिक्षा विभाग के निर्देश पर दो सदस्यीय टीम ने 18 जनवरी को कॉलेज निरीक्षण किया था। इसके बाद संयुक्त निदेशक (प्रशासन) सुभाष कुमारी ने स्पष्टीकरण किया था। जांच में उप निदेशक सुभाष कुमार गुप्ता और सहायक निदेशक सूरज कुमार झा शामिल थे। टीम ने रिपोर्ट दी थी कि प्रभारी प्राचार्य घटना के बाद से लगातार अनुपस्थित हैं। मोबाइल पर कॉल करने पर स्विच ऑफ मिला। इसलिए उनका पक्ष नहीं लिया जा सका। लेकिन व्याख्याता-कर्मियों की सूचना और जांच से स्पष्ट हुआ कि प्राचार्य की गतिविधि विभागीय नियम के खिलाफ है। इसके साथ ही शैक्षणिक परिसर में किया गया कार्य पूरी तरह से अस्वीकार्य है। महाविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था भी सवालों के घेरे में पाई गई। शौचालयों की स्थिति दयनीय बताई गई। उपयोग के लायक नहीं होने की बात सामने आई। इसे प्रशासनिक उदासीनता और कर्तव्यहीनता का उदाहरण माना गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर सस्पेंड किया गया है।
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