समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और दुद्धी विधायक विजय सिंह गोंड का लखनऊ के एसजीपीजीआई में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष अवधनारायण यादव ने की। लंबे समय से बीमार चल रहे विजय सिंह गोंड की दोनों किडनी खराब हो गई थी, जिसके चलते उन्हें एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था।
आदिवासी समाज की आवाज बुलंद करने वाले अग्रणी नेताओं में शुमार थे
प्रदेश की 403वीं अंतिम विधान सभा सीट दुद्धी के आदिवासी राजनीति के ‘पितामह’ कहे जाने वाले गोंड के निधन से पूरे सोनभद्र और आस-पास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। विजय सिंह गोंड आदिवासी समाज की आवाज बुलंद करने वाले अग्रणी नेताओं में शुमार थे।
कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव में मिली थी जीत
दुद्धी और ओबरा विधानसभा को अनुसूचित जनजाति सीट घोषित कराने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। वनवासी सेवा आश्रम में मात्र 200 रुपये मासिक मानदेय पर कार्यरत रहते हुए उन्होंने 1979 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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