मध्य प्रदेश के सागर जिले में सिस्टम की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करने वाला एक अनोखा मामला सामने आया है। गोपालगंज थाने में सुनवाई न होने से हताश एक गरीब सब्जी विक्रेता सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गया। उसने अपनी फरियाद नारेबाजी या हंगामे से नहीं, बल्कि एसपी कार्यालय के सामने जमीन पर सब्जी की दुकान लगाकर दर्ज कराई। यह नजारा देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और राहगीर हैरान रह गए।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित कौशल राठौर, निवासी गुलाब कॉलोनी (शिवाजी वार्ड) ने बताया कि उसने जुलाई 2025 में 6 हजार रुपये में एक हाथठेला खरीदा था, ताकि वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर सके। कौशल का आरोप है कि 16 दिसंबर 2025 को अशोक यादव अपनी पत्नी और कुछ अन्य साथियों के साथ आया और उसके साथ जमकर मारपीट की। आरोपियों ने उसका हाथठेला छीन लिया, सब्जियां सड़क पर फेंक दीं और गल्ले में रखे करीब 2 हजार रुपये भी लूट लिए।
पढे़ं; 9 जनवरी को सीएम यादव का शहडोल दौरा, कार्यक्रम को लेकर बैठक संपन्न; दिए दिशा-निर्देश
थाने के चक्कर काटकर हार गया पीड़ित
कौशल ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उसने 112 नंबर पर सूचना दी और कई बार गोपालगंज थाने पहुंचकर शिकायत की, लेकिन पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। आरोप है कि उल्टा उसे धमकाकर भगा दिया गया। महीनों से हाथठेला न होने के कारण उसका व्यवसाय पूरी तरह ठप है और परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
एसपी ने दिए जांच के आदेश
एसपी कार्यालय के बाहर अचानक लगी सब्जी की दुकान को देखकर पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर युवक को शांत कराया और उसका आवेदन स्वीकार किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं और संबंधित थाना पुलिस से रिपोर्ट न दर्ज करने में हुई देरी पर जवाब तलब किया है। अब देखना यह होगा कि इस अनोखे विरोध के बाद गरीब सब्जी विक्रेता को उसका हाथठेला और न्याय मिल पाता है या नहीं।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.