चर्चित कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा को शुक्रवार को बालोतरा में स्थित उनके आश्रम परिसर में समाधि दी जाएगी। बुधवार शाम जोधपुर के एक निजी अस्पताल में उनके निधन के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। साध्वी की असामयिक मृत्यु ने उनके अनुयायियों को गहरे सदमे में डाल दिया है और कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
गुरुवार देर शाम साध्वी प्रेम बाईसा की पार्थिव देह जोधपुर से उनके पैतृक गांव परेऊ (बालोतरा) लाई गई। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, श्रद्धालुओं और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गांव की गलियों से लेकर आश्रम परिसर तक शोकाकुल वातावरण नजर आया। इस दौरान साध्वी के पिता भावुक होकर रो पड़े, जिससे वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
कथित सुसाइड नोट से बढ़ी संवेदनशीलता
मौत के लगभग चार घंटे बाद एक कथित सुसाइड नोट सामने आने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। इसके बाद साध्वी की मृत्यु को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वहीं साध्वी के पिता ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण उनकी बेटी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इन आरोपों के बाद साध्वी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पैतृक गांव परेऊ में अंतिम संस्कार
साध्वी प्रेम बाईसा का अंतिम संस्कार शुक्रवार को उनके पैतृक गांव परेऊ में किया जाएगा। इसके बाद उन्हें उनके आश्रम परिसर में समाधि दी जाएगी। समाधि स्थल को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। वहां ज्योत जलाई गई है और धार्मिक वातावरण बना हुआ है।
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समाधि स्थल पर बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और अनुयायी मौजूद हैं। लगातार भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार किया जा रहा है। साध्वी को अंतिम विदाई देने के लिए राजस्थान सहित अन्य राज्यों से भी संत और श्रद्धालु परेऊ पहुंच रहे हैं।
अंतिम दर्शन के लिए रखा गया पार्थिव शरीर
साध्वी की पार्थिव देह को भक्तों और समर्थकों के अंतिम दर्शन के लिए आश्रम में रखा गया है। दर्शन के दौरान श्रद्धालु भावुक नजर आए और साध्वी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कई लोगों की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं।
धार्मिक जगत में शोक की लहर
साध्वी प्रेम बाईसा के निधन से धार्मिक और आध्यात्मिक जगत में शोक की लहर है। वे अपनी सरल वाणी, प्रभावशाली कथाओं और सामाजिक संदेशों के लिए जानी जाती थीं। उनके अचानक चले जाने से अनुयायियों को गहरा आघात पहुंचा है। फिलहाल परेऊ गांव शोक में डूबा हुआ है। अंतिम संस्कार और समाधि कार्यक्रम को लेकर प्रशासन भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क नजर आ रहा है।
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