जालंधर के पीपीआर मार्केट में सोमवार शाम उस वक्त सनसनी फैल गई, जब जीएसटी विभाग की टीम एक दफ्तर में रेड करने पहुंची। कार्रवाई के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि वहां तैनात बाउंसरों ने कथित तौर पर जीएसटी अधिकारियों को कार्यालय के अंदर ही रोक लिया और बाहर से शटर गिरा दिया।
सरकारी कर्मचारियों को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलते ही जालंधर पुलिस भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस की एंट्री के बाद भी काफी देर तक बहस और तनाव का माहौल बना रहा। कड़ी मशक्कत के बाद शटर खुलवाया गया और बंधक बनाए गए जीएसटी कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार, सोमवार बीती शाम को जीएसटी विभाग की टीम नियमित जांच के तहत मेजर रियल एस्टेट नामक कार्यालय में पहुंची थी। बताया जा रहा है कि यह दफ्तर एक स्थानीय कांग्रेस नेता से जुड़ा हुआ है। जैसे ही दस्तावेजों की जांच शुरू हुई, वहां मौजूद बाउंसरों और कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। आरोप है कि एक स्थानीय नेता के इशारे पर बाउंसरों ने न सिर्फ सरकारी ड्यूटी कर रहे अधिकारियों से बदसलूकी की, बल्कि उन्हें कमरे में बंद कर बाहर से शटर गिरा दिया। इससे मौके पर हड़कंप मच गया और तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।
विवादों में घिरा नेता, पहले भी लग चुके हैं आरोप
सूत्रों के मुताबिक, जिस नेता के कार्यालय पर रेड हुई है, उनका नाम पहले भी अवैध कॉलोनियां काटने और भू-माफिया से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। टैक्स चोरी के इनपुट मिलने के बाद ही विभाग ने यह कार्रवाई की थी। वहीं, नेता के समर्थक इसे राजनीतिक द्वेष बता रहे हैं। घटना के बाद जीएसटी विभाग के अधिकारियों में भारी रोष है। सरकारी काम में बाधा डालने, अधिकारियों को बंधक बनाने और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया देर रात तक चलती रही। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संबंधित नेता व बाउंसरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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