ज्ञानपुर। जिले में नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत इस साल पहले चरण में ही रिकॉर्ड आवेदन आए। दो से 16 फरवरी तक छह ब्लॉकों में 4882 आवेदन आए। उसमें से तीन हजार आवेदन निरस्त भी हो गए। मानक पूर्ण न करने पर 60 फीसदी आवेदन अमान्य हो गए। 18 फरवरी को लॉटरी निकाली जाएगी। इसमें पात्र बच्चों की किस्मत खुलेगी। पिछले साल पहले चरण में 2500 आवेदन आए थे।
आरटीई के तहत कॉन्वेंट और निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है। जिनके पढ़ने से लेकर कॉपी-किताब तक का खर्च शासन स्तर से वहन किया जाता है। इसके लिए जिले में 720 विद्यालय पंजीकृत हैं। करीब तीन हजार सीटों पर प्रवेश का लक्ष्य है। शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पहले चरण के लिए दो से 16 फरवरी तक आवेदन तिथि तय की गई थी। सोमवार तक 4800 आवेदन अभिभावकों ने किया। बीईओ और जिला स्तर पर इसी दौरान सत्यापन भी चलता रहा। आरटीई के मानक दायरे में न आने वाले तीन हजार आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। 18 फरवरी को लॉटरी निकाली जाएगी। 20 फरवरी को विद्यालय का आवंटन होगा। बताते चलें की जिले में आरटीई के तहत अब तक आठ हजार से अधिक बच्चे निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि 4800 आवेदन छह ब्लॉकों से आए हैं। सत्यापन में तीन हजार के करीब निरस्त हो गए।
आरटीई का आवेदन गलत तरीके से निरस्त करने का आरोप
ज्ञानपुर। गोपीगंज नगर के सदर मोहाल निवासी एवं सभासद आनंद कुमार गुप्ता ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बीईओ ज्ञानपुर पर आवेदन को गलत तरीके से निरस्त करने का आरोप लगाया। कहा कि नगर के करीब 50 लोगों का आवेदन मनमानी तरीके से निरस्त किया गया। जिस मोहल्ले में विद्यालय नहीं है उस वार्ड के लोग दूसरे वार्ड में आवेदन करेंगे। पूर्व में चयन होता रहा, लेकिन इस बार निरस्त कर दिया गया। रमेश कौशल, रवि मोदनवाल, प्रतिभा अग्रहरि, रोमी जायसवाल, अनिल जायसवाल, गया प्रसाद, नीतू गुप्ता और मनोज विश्वकर्मा के आवेदन निरस्त किए गए। बीएसए शिवम पांडेय ने बताया कि आरटीई के मानक में एक वार्ड से दूसरे वार्ड में चयन नहीं होना है। उसके आधार पर आवेदन निरस्त हुए हैं।
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