राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के देश के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव के प्रस्ताव पर अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की वार्षिक बैठक में मुहर लग गई। तीन दिवसीय बैठक के अंतिम दिन रविवार को देशभर से आए करीब 32 संगठनों के 1487 प्रतिनिधियों ने एकमत से इसे पास कर दिया। नई व्यवस्था में प्रांत की जगह अब करीब 80 संभाग बनाए जाएंगे।
वर्तमान में देश में संघ की दृष्टि से 46 प्रांत हैं। इसके साथ ही हरियाणा को दो संभागों में बांटकर 32 जिले बनाए जाएंगे। यह जानकारी सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने मीडिया से बातचीत में दी। बैठक के अंतिम दिन सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने संबोधित किया।
उन्होंने प्रतिनिधियों को शताब्दी वर्ष और अगले वर्ष के कार्य करने के सुझाव दिए। कहा कि कार्यकर्ताओं के जमीनी स्तर पर कार्य करने से व्यापक स्तर पर बदलाव हो सकते हैं। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बताया कि नई व्यवस्था मार्च 2027 से प्रभावी होगी तब तक नई नियुक्तियां की जाएंगी।
संघ विकेंद्रीकरण के लिए इकाइयों को छोटा करेगा। गांव के स्तर पर संघ की गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा। मंडल स्तर पर भी नियुक्ति की जाएगी। अब तक मंडल स्तर पर इस तरह की नियुक्ति नहीं की जा रही थी। सरकार्यवाह ने कहा कि समाज में जातिगत आधार पर विभेद को समाप्त करने के लिए मीडिया को भी आगे आना चाहिए।
गुरु तेग बहादुर और संत शिरोमणि रविदास जयंती से देंगे संदेश
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी पर्व पर देशभर में कार्यक्रम किए हैं। इससे समाज में मजबूती आई है। इस साल संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती पर कार्यक्रम किए जाएंगे। इससे समरता का संदेश दिया जाएगा।
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