छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर गरियाबंद जिले के राजिम में आयोजित राजिम कुंभ (कल्प) के समापन समारोह में शिरकत करेंगे। समापन कार्यक्रम पूज्य संतों और धर्माचार्यों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा। इस दौरान शाही स्नान के साथ विशाल शोभायात्रा का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
तीन नदियों के संगम पर बसा है राजिम
बता दें कि राजिम, महानदी, पैरी और सोंढूंर नदियों के त्रिवेणी संगम के समीप स्थित छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख तीर्थस्थल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह क्षेत्र हरिहर धाम के रूप में विख्यात है, जहां राजीवलोचन (विष्णु) और कुलेश्वर (शिव) का संयुक्त धाम स्थित है। लोकविश्वास है कि यह संगम प्रयाग के समान पवित्र है, जहाँ पर्वस्नान, दान, तर्पण और पिण्डदान जैसे संस्कारगत धार्मिक कार्य संपन्न किए जाते हैं। प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक आयोजित होने वाला यह मेला सदियों पुरानी परंपरा का प्रतीक है, जिसे अब राजिम कुंभ (कल्प) के रूप में राष्ट्रीय पहचान मिली है।
साधु- संतों का होगा जमावड़ा
मेले के दौरान देशभर से नागा साधु-सन्यासी, विभिन्न अखाड़ों के संत-महंत, महामण्डलेश्वर और अन्य धर्माचार्य राजिम पहुंचते हैं। इस अवधि में यज्ञ, धर्म-प्रवचन, भजन-कीर्तन और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करते हैं।
आस्था, परंपरा और संस्कृति का केंद्र है राजिम
राजिम कुंभ (कल्प) मेला ने छत्तीसगढ़ को धार्मिक पर्यटन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में प्रतिष्ठित किया है। यह आयोजन आस्था, परंपरा और संस्कृति का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक शांति का संदेश देता है।
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