सुल्तानपुर। सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए बुधवार को शहर में नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त टीम ने सख्त रुख अपनाया। अतिक्रमण के दायरे में आ रहे स्थायी निर्माण पर बुलडोजर गरजा और उसे गिरा दिया गया।
अभियान के दौरान कुछ स्थानों पर व्यापारियों और नपा कर्मियों के बीच तीखी कहासुनी हुई, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के चलते विरोध टिक नहीं सका। कार्रवाई के दौरान सड़क की पटरियों पर किए अवैध कब्जे भी हटाए गए, जबकि आठ अतिक्रमण कारियों पर 7,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
बुधवार दोपहर कोतवाली नगर से गल्ला मंडी मार्ग पर अभियान की शुरुआत हुई। दुकानों के सामने सड़क की पटरी पर से अतिक्रमण हटवाए गए। टीम चौक घंटाघर से शाहगंज चौराहा पहुंची, जहां सड़क के दोनों ओर कब्जे तोड़े गए। शाहगंज चौराहे से दरियापुर तिराहा तक जेसीबी से अवैध निर्माण हटाया गया। डाकखाना चौराहे से मेडिकल कॉलेज मार्ग पर गलत ढंग से खड़े वाहनों को हटवाया गया, जबकि मेडिकल कॉलेज से कोतवाली नगर की ओर जाने वाली सड़क की पटरियों को खाली कराया गया।
इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानदार कार्रवाई देखकर सामान समेटते नजर आए, जबकि बड़ी मात्रा में अवैध रूप से रखा सामान जब्त किया गया।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र सरोज ने ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। चेतावनी दी कि जुर्माने के बाद भी अतिक्रमण करने वालों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अतिक्रमण अभियान में भेदभाव का आरोप : सुल्तानपुर। किराना व्यापार मंडल समिति के अध्यक्ष आलोक सागर ने सोशल मीडिया के माध्यम से शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण के नाम पर केवल स्थायी दुकानदारों का उत्पीड़न किया जा रहा है। वहीं, ठेले, फूल विक्रेता, डिवाइडर व सड़क पर लगी दुकानों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
अध्यक्ष ने कहा कि 10 दिनों से अभियान चलने के बावजूद शहर की स्थिति जस की तस बनी हुई है। सिर्फ दुकानदारों की नालियां तोड़कर कार्रवाई दिखाई जा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि उत्पीड़न जारी रहा तो व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर समाधान कराया जाएगा। (संवाद)
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