जामताड़ा मुख्यालय स्थित बेना काली मंदिर के पास दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की हालत बेहद खराब है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
बेना, रामपुर चौक, अमला, बनी, बागबेड़ा और कंसजोड़ सहित करीब एक दर्जन गांवों के लोग इसी सड़क पर निर्भर हैं। सड़क की बदहाली के कारण स्कूली बच्चों, एंबुलेंस, खाद्यान्न वाहनों और छात्राओं को आने-जाने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क दशकों से नहीं बनी है। कच्ची सड़क होने के कारण इसमें बड़े गड्ढे बन गए हैं। बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा और भी बढ़ जाता है।
ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर जामताड़ा के विधायक-सह-मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भी आवेदन दिया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
ग्रामीण प्रकाश भंडारी ने बताया कि यह समस्या काफी पुरानी है और इस सड़क से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। रोजगार, पढ़ाई और इलाज के लिए लोगों को इसी मार्ग से मुख्य बाजार जाना पड़ता है। अर्जुन भंडारी ने कहा कि बचपन से ही वे इस सड़क को इसी बदहाल अवस्था में देख रहे हैं, लेकिन किसी जनप्रतिनिधि या प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।
एंबुलेंस इस रास्ते से आने में असमर्थ रहती है
सबसे अधिक परेशानी तब होती है जब किसी प्रसूता महिला को अस्पताल ले जाना होता है। एंबुलेंस इस रास्ते से आने में असमर्थ रहती है, जिससे मरीजों को दूसरे लंबे रास्ते से ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने इस सड़क को जल्द से जल्द बनाने की मांग की है। मौके पर प्रकाश भंडारी, अमित भंडारी, अर्जुन भंडारी, मृणाल भंडारी, लोटन भंडारी, सरोज भंडारी, मनोज महतो और गौर मिर्धा सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।
विभागीय इंजीनियर से जांच कराई जाएगी: कार्यपालक अभियंता
इधर, मामले को लेकर ग्रामीण विकास प्रमंडल जामताड़ा के कार्यपालक अभियंता दुखा मंडल ने कहा कि सड़क संबंधी मामला उनके संज्ञान में आया है। विभागीय इंजीनियर से जांच कराई जाएगी और एस्टीमेट तैयार होगा। यदि विधायक की अनुशंसा प्राप्त होगी तो शीघ्र ही डीपीआर तैयार कर निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अनुशंसा नहीं होने पर उसके प्राप्त होते ही डीपीआर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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