देश में अपनी तरह की पहली 10 लाख रुपए तक के फ्री इलाज के हेल्थ कार्ड का रजिस्ट्रेशन 1 जनवरी से होने लगेगा। रजिस्ट्रेशन करवाने वालों को 8 जनवरी से हेल्थ कार्ड मिलने लगेंगे। मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत सूबे के 65 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा। किसी
अमृतसर में कम्युनिटी सर्विस सेंटर (सीएससी) की करीब 120 टीमें गांवों में सरपंचों और शहरों में पार्षदों के साथ मिलकर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा करेंगी। इसके लिए सेहत विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। तरनतारन और बरनाला में सितंबर में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी है।
पहले भीषण बाढ़ और फिर उपचुनाव के कारण अन्य जिलों में प्रक्रिया दिसंबर तक स्थगित कर दी गई थी। फैमिली का कार्ड बनाने के लिए परिवार के सभी सदस्यों का पंजीकरण जरूरी है। साल के पहले दिन अमृतसर के करीब 120 कम्युनिटी सर्विस सेंटर (सीएससी) की टीमें सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण की शुरुआत करेंगी।
ग्रामीण हलकों में सरपंचों और शहरी इलाकों में वार्ड पार्षदों को टीमों के साथ जोड़ा गया है। सरकार का लक्ष्य सभी परिवारों के सभी सदस्यों को योजना से जोड़ना है। सरकारी के साथ-साथ पंजाब के 2 हजार से अधिक निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ा गया है। इंपेनल्ड अस्पतालों में मरीज निशुल्क इलाज करवा सकेंगे। इससे मरीजों को इलाज करवाने के व्यापक विकल्प मिलेंगे। अमृतसर में सरकारी अस्पतालों के अलावा करीब 70 निजी अस्पताल इंपेनल्ड किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना की रजिस्ट्रेशन के लिए लोगों को किसी भी सुविधा केंद्र या आनलाइन आवेदन नहीं करना है। इस योजना का लाभ लोगों को देने के लिए सरकार की ओर से नियुक्त सीएससी के कर्मचारी सरपंचों और पार्षदों के जरिए विभिन्न गांवों और वार्डों में कैंप लगाएंगे, जहां लोगों का फैमिली कार्ड बनाया जाएगा।
पैन कार्ड के साथ आधार कार्ड लिंक होना जरूरी
हेल्थ कार्ड बनवाने के लिए परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड, वोटर कार्ड और बायोमेट्रिक जरूरी है। परिवार के मुखिया का आधार कार्ड पैन से लिंक होना जरूरी है। कारण यह कि पंजीकरण के समय ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाता है। {हेल्थ कार्ड के लिए किसी भी सुविधा केंद्र या ऑनलाइन आवेदन नहीं करना है। सीएससी के कर्मचारी सरपंचों और पार्षदों के जरिए गांवों और शहरों के वार्डों में कैंप लगाकर लोगों के फैमिली कार्ड बनाएंगे।
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