sargujha badi winter recipe :सरगुजा में सर्दियों में कोहड़ा और उड़द दाल से बनी बड़ी पारंपरिक सरगुजिहा स्वाद और संस्कृति की पहचान है, जिसे सिकंदर प्रजापति ने लोकल 18 पर बताया. यह बेहद स्वादिष्ट होता है.
पारंपरिक विधि से बनती कोहड़ा बड़ी
सरगुजा के स्थानीय जानकार सिकंदर प्रजापति ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि कोहड़ा से बनने वाली बड़ी गांवों की एक बेहद पारंपरिक और स्वादिष्ट डिश है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले कोहड़े को छीला जाता है और फिर कोरनी की मदद से बारीक कद्दूकस किया जाता है. इसके बाद कद्दूकस किए गए कोहड़े को छन्नी में रखकर उसका अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकाल दिया जाता है.
उड़द दाल के घोल से मिलता है खास स्वाद
सिकंदर ने बताया कि वहीं दूसरी ओर उड़द दाल को रातभर पानी में भिगोकर रखा जाता है और सुबह उसे पीसकर गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है. इसके बाद कोहड़े और उड़द दाल के घोल को आपस में मिलाया जाता है. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें मिर्च और अन्य पारंपरिक मसाले मिलाए जाते हैं. तैयार मिश्रण से हाथों की सहायता से गोल-गोल बड़ी बनाई जाती है.
धूप में सुखाकर होती है तैयार
तैयार की गई बड़ी को चटाई पर रखकर धूप में सुखाया जाता है. करीब तीन से चार दिन बाद बड़ी को पलट दिया जाता है ताकि वह दोनों ओर से अच्छी तरह सूख सके. लगभग 15 से 20 दिनों में बड़ी पूरी तरह सूख जाती है, जिसके बाद इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखकर उपयोग में लाया जा सकता है.
स्वाद के साथ पाचन के लिए भी फायदेमंद
सिकंदर प्रजापति ने बताया कि कोहड़ा बड़ी का स्वाद बेहद स्वादिष्ट होता है और यह पाचन क्रिया के लिए भी लाभदायक मानी जाती है. यही वजह है कि इसे गांवों और पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े चाव से खाया जाता है. यह व्यंजन खासतौर पर सर्दियों में सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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