पहाड़ों में मान्यता है कि लाल कद्दू शरीर को ठंडक देता है और पाचन को सही रखता है. व्रत के दिन जब लोग हल्का और सात्विक भोजन करते हैं, तब लाल कद्दू एक अच्छा विकल्प बन जाता है. कई घरों में महिलाएँ इसे सब्जी के रूप में बनाती हैं, तो कई लोग इसे उबालकर फल की तरह भी खाते हैं. उबला हुआ लाल कद्दू मीठा और नरम हो जाता है, जिसे व्रत के दौरान बिना मसाले के भी खाया जा सकता है.
लाल कद्दू बनाने कि रेसिपी
अगर लाल कद्दू की सब्जी बनाने की बात करें तो इसकी विधि बहुत आसान है. सबसे पहले ताजा लाल कद्दू लें. उसे अच्छी तरह धो लें ताकि मिट्टी साफ हो जाए. इसके बाद कद्दू को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. यदि बीज ज्यादा हों तो उन्हें निकाल दें. अब एक बर्तन में पानी डालकर कद्दू के टुकड़ों को हल्का उबाल लें. उबालने से कद्दू जल्दी पकता है और नरम भी हो जाता है.
जब कद्दू उबल जाए, तो उसे हल्का सा मैश कर लें. अब एक कढ़ाई में थोड़ा सा तेल गर्म करें. तेल गरम होने पर उसमें थोड़ी सी मेथी डालें. मेथी का तड़का स्वाद को और भी अच्छा बना देता है. ध्यान रखें कि मेथी जले नहीं, वरना स्वाद कड़वा हो सकता है. अब इसमें उबला और मैश किया हुआ कद्दू डाल दें.
इसके बाद स्वाद अनुसार नमक, लाल मिर्च और हल्के मसाले डालें. व्रत के लिए बना रहे हों तो साधारण सेंधा नमक और हल्की मिर्च का उपयोग करें. सबको अच्छी तरह मिलाकर कुछ देर धीमी आंच पर पकने दें. कद्दू जब अच्छी तरह गल जाए और मसाले मिल जाएँ, तब गैस बंद कर दें.
अंत में थोड़ा सा खट्टापन
स्वाद बढ़ाने के लिए अंत में थोड़ा सा खट्टापन डाला जा सकता है. इसके लिए आप नींबू का रस डाल सकते हैं. कुछ लोग अमचूर भी डालते हैं, लेकिन व्रत में नींबू ज्यादा अच्छा माना जाता है। खट्टा डालने से सब्जी का स्वाद और भी बढ़ जाता है और हल्की मीठी-खट्टी सब्जी तैयार हो जाती है.
लाल कद्दू की सरल और स्वादिष्ट सब्जी तैयार
इस तरह लाल कद्दू की सरल और स्वादिष्ट सब्जी तैयार हो जाती है. यह सब्जी रोटी, पूरी या व्रत के फलाहार के साथ खाई जा सकती है. पहाड़ों में आज भी लोग परंपरा के अनुसार इसे व्रत और खास अवसरों पर बनाते हैं. स्वाद के साथ-साथ यह हमारी पुरानी परंपराओं और आस्था से भी जुड़ी हुई है.
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