मध्यप्रदेश के सतना के उचेहरा जनपद के परसमनिया गांव की रहने वाली मानवती गुप्ता और उर्मिला धायक जो सालों से बघेली डिश इंद्रहार बना रही हैं. मानवती लोकल 18 से बातचीत में बताती हैं कि बघेली डिश इंद्रहार कई प्रकार की दाल से मिलकर तैयार होने वाला एक बघेली व्यंजन है.
5 तरह की दालों से तैयार होता
इस व्यंजन को बनाने की एक खास विधि होती है. यह व्यंजन चना, मूंग, मसूर, और उड़द की दाल से बनकर तैयार होता है. हालांकि, यह चार तरह की दालों से भी तैयार हो जाता है. सबसे पहले चार से पांच प्रकार की दाल को रात भर भिगोना होता है. उसके बाद दाल का पेस्ट तैयार किया जाता है.
मसालों को करते हैं मिक्स
मानवती बताती हैं कि दाल का पेस्ट तैयार करने के बाद देसी मसालों को भी मिक्स किया जाता है. उन मसालों में नमक, हींग, लहसुन, मिर्च, जीरा, धनिया को बारीक पीस कर मिलाया जाता है. थाली या सांचे में तेल लगाया जाता है. फिर दाल से बने हुए पेस्ट को थाली या सांचे में फैलाकर सेट किया जाता है.
बर्फी के आकार में काट कर सिराया जाता
इस पूरी प्रक्रिया के बाद थाली या सांचे को स्टीम करने के लिए रख दिया जाता है. स्टीम होने के बाद बर्फी के आकार में काट कर कई पीस तैयार कर लिए जाते हैं. इसके बाद टमाटर या कैथा की चटनी के साथ खाया जाता है. इस व्यंजन को बघेलखंड में काफी पसंद किया जाता है.
खास बात यह है कि इसमें न तो ज्यादा तेल मसालों का इस्तेमाल किया जाता है और न ही किसी केमिकल का. कई प्रकार के दाल से तैयार होने के कारण इस व्यंजन में हाई प्रोटीन होता है.
उर्मिला धायक बताती हैं कि बघेलखंड में तो इंद्रहार को तो पसंद किया जाता है. साथ ही इसे बुंदेलखंड के लोग भी पसंद करते हैं. अभी खजुराहो में हमने फूड स्टॉल लगाया है तो छतरपुर के लोगों ने भी हमारा इंद्रहार बहुत पसंद किया है. इसके अलावा भोपाल, उज्जैन और इंदौर में भी अपनी बघेली डिश इंद्रहार लोगों को खिला चुके हैं.
अगर आप भी बघेली खाने के शौकीन हैं तो आप अपने घर में ही इंद्रहार तैयार कर सकते हैं. इस व्यंजन में मैदा या फिर नुकसानदेह खाद्य पदार्थ नहीं मिलाया जाता, इसलिए इसके सेवन से स्वास्थ को नुकसान नहीं बल्कि फायदे हैं.
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