Recipe For Perfect Khichadi: मकर संक्रांति पर लगभग हर घर में खिचड़ी बनती है. यूं तो ये बहुत कॉमन डिश है लेकिन अक्सर घरों में पानी की माप बिगड़ने या दाल चावल का रेशियो ऊपर-नीचे होने पर यह परफेक्ट तैयार नहीं होती. ऐसे में नीचे बतायी रेसिपी से आप हर बार बेहतरीन खिचड़ी रेडी कर सकते हैं.
मकर संक्रांति का पर्व बिहार और झारखंड में आस्था, परंपरा और स्वाद का संगम माना जाता है. इस दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और इसी शुभ अवसर पर घर-घर में खिचड़ी बनती है. खिचड़ी न केवल सादा और पौष्टिक भोजन है, बल्कि इसे मौसम के अनुसार शरीर को ऊर्जा देने वाला भी माना जाता है. मकर संक्रांति पर बनाई जाने वाली खिचड़ी में दाल, चावल, सब्ज़ियां और देसी घी का खास महत्व होता है, जो इसे और भी स्वादिष्ट बना देता है.

खिचड़ी बनाने के लिए सबसे पहले सामग्री तैयार कर लें. यूं तो यह सिंपल रेसिपी है लेकिन कभी पानी ज्यादा हो जाता है तो कभी कम, कभी छिंटकी बनती है तो कभी गली हुई. इसके लिए सही रेसिपी और नाप बहुत जरूरी है, जिसकी बात आज हम करेंगे. सबसे पहले एक कप चावल, आधा कप मूंग दाल (धुली हुई), एक छोटा कटोरा कटे हुए आलू, फूलगोभी के छोटे टुकड़े, मटर, अदरक, हरी मिर्च, हल्दी, नमक और स्वादानुसार जीरा की जरूरत होती है. इसके साथ ही सरसों का तेल या देसी घी खिचड़ी के स्वाद को दोगुना कर देता है. चाहें तो थोड़ी सी हींग भी डाल सकते हैं, जिससे पाचन में मदद मिलती है.

अब चावल और दाल को अच्छी तरह धोकर लगभग 20 मिनट के लिए भिगो दें. आप दाल अपनी च्वॉइस से कोई और या मिक्स भी ले सकते हैं. कुछ लोग खिचड़ी में आधी दाल और आधा चावल यानी बराबर मात्रा लेते हैं. आप ऐसा भी कर सकते हैं पर दाल बहुत करेंगे तो खिचड़ी गीली होगी, इसका ध्यान रखें. इस दौरान सब्ज़ियों को धोकर काट लें. कुकर या भारी तले की कढ़ाही में सबसे पहले घी या तेल गरम करें. इसमें जीरा डालें, जब जीरा चटकने लगे तो उसमें अदरक और हरी मिर्च डालकर हल्का भून लें. इसके बाद हींग और हल्दी डालें, जिससे खुशबू आने लगे.
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अब इसमें कटी हुई सब्ज़ियां डालकर दो से तीन मिनट तक चलाएं. सब्ज़ियों के हल्का नरम होते ही भीगे हुए चावल और दाल डाल दें. सभी चीज़ों को अच्छे से मिलाकर स्वादानुसार नमक डालें. अब इसमें आवश्यकता अनुसार पानी डालें, ताकि खिचड़ी न ज्यादा गाढ़ी हो और न ही बहुत पतली. आमतौर पर दाल-चावल की मात्रा से तीन गुना पानी पर्याप्त होता है, इससे खिचड़ी ना बहुत गीली होती है ना बहुत सूखी. गीली चाहिए तो चार गुना पानी डालें. यानी एक कप दाल-चावल है तो उसी कप से चार कप पानी.

अब कुकर का ढक्कन बंद कर मध्यम आंच पर तीन से चार सीटी आने तक पकाएं. गैस बंद करने के बाद कुछ देर कुकर को अपने आप ठंडा होने दें. दाल-चावल भीगा है तो दो सीटी में ही काम हो जाएगा पर कुकर को ठंडा होने पर खोलें. भीगा नहीं है तो 4-5 सीटी लगाएं और गैस रिलीज होने पर खोलें. ढक्कन खोलकर खिचड़ी को हल्के हाथ से चलाएं. तैयार खिचड़ी की खुशबू ही मकर संक्रांति के त्योहार की याद दिला देती है. खिचड़ी के स्वाद को और बढ़ाने के लिए एक बार ऊपर से भी तड़का लगा दें. डबल तड़के से स्वाद निखर जाता है.

मकर संक्रांति की खिचड़ी को आमतौर पर देसी घी, अचार, दही, पापड़ और तिल की चटनी के साथ परोसा जाता है. यह खिचड़ी न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होती है. यही वजह है कि यह व्यंजन सदियों से बिहार और झारखंड की परंपरा का अहम हिस्सा बना हुआ है.
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