सर्दियों में क्यों खास है लाल भाजी भजिया
छत्तीसगढ़ में लाल भाजी सर्दियों के मौसम में आसानी से उपलब्ध होती है. पोषक तत्वों से भरपूर यह भाजी शरीर को गर्म रखने में मदद करती है. जब इसे बेसन के साथ मिलाकर भजिया बनाई जाती है, तो इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है. ठंड के दिनों में गरमा-गरम भजिया लोगों को खासा आकर्षित करती है.
स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना
लाल भाजी में आयरन, फाइबर और जरूरी विटामिन पाए जाते हैं. बेसन के साथ मिलकर बनी यह भजिया पाचन के लिए भी अच्छी मानी जाती है. यही वजह है कि यह सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद होती है.
बिलासपुर की गृहणी अन्नू खरे ने बताई खास रेसिपी
बिलासपुर की गृहणी अन्नू खरे के अनुसार, लाल भाजी की भजिया बनाने के लिए सबसे पहले लाल भाजी को अच्छे से धोकर बारीक काट लिया जाता है. इसके बाद एक बर्तन में बेसन लिया जाता है, उसमें थोड़ा सा सोडा डालकर अच्छी तरह फेंट लिया जाता है. फिर इसमें कटी हुई लाल भाजी डालकर अच्छे से मिक्स किया जाता है और कुछ मिनट के लिए छोड़ दिया जाता है.
तलने का सही तरीका बनाता है भजिया कुरकुरी
इसके बाद कड़ाही में तेल गर्म किया जाता है. जब तेल अच्छी तरह कड़क जाए, तो हाथ से गोल-गोल आकार में मिश्रण डालकर भजिया बनाई जाती है. थोड़ी देर बाद भजिया को पलटकर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तला जाता है. करीब 5 मिनट में कुरकुरी और स्वादिष्ट लाल भाजी भजिया तैयार हो जाती है.
चटनी के साथ स्वाद दोगुना
गरमा-गरम लाल भाजी भजिया को टमाटर की चटनी, मिर्च की चटनी या फिर कई लोग भोजन के साथ भी खाना पसंद करते हैं. ठंड के मौसम में यह भजिया न सिर्फ भूख मिटाती है, बल्कि पारंपरिक स्वाद का भी अहसास कराती है. इस तरह लाल भाजी की भजिया छत्तीसगढ़ की सर्दियों की खास पहचान बन चुकी है, जो स्वाद, परंपरा और सेहत तीनों का बेहतरीन संगम है.