रेवाड़ी। ईडी की रेड से बौखलाए राव इंद्रजीत ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में कुछ पुलिस अधिकारियों की फाइनेंसरों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। उसने कहा कि उसे जानबूझकर फंसाने की कोशिश की जा रही है। बड़े पैमाने पर जांच हो तो कई अधिकारी रडार पर आ सकते हैं।
इंद्रजीत ने कहा कि कोई व्यक्ति यदि व्यवसाय करता है तो उसके पास महंगी गाड़ी या सुविधाएं हो सकती हैं। इसका यह मतलब नहीं कि पैसा गलत तरीके से आया हो। सारे लेनदेन के प्रमाण उनके पास मौजूद हैं और उन्होंने किसी भी प्रकार का गलत कार्य नहीं किया है।
राव इंद्रजीत ने मांग की है कि फाइनेंसर गैंग की बड़े स्तर पर जांच कराई जाए, क्योंकि इसमें कई अधिकारी भी हैं। ईडी की ओर से बरामद की गई राशि को लेकर कहा कि उसे किसी राहत कोष में जमा कर देना बेहतर होगा।
आरोप लगाया कि फाइनेंस के नाम पर लोगों को परेशान करने का एक बड़ा नेक्सस हरियाणा में पनप चुका है, जिसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। रोहतक के मंजीत मर्डर केस में नाम आने को लेकर स्पष्ट किया कि वे न तो संदीप लाठर को जानते हैं और न ही कभी आईपीएस वाई पूर्ण कुमार से उनका कोई संबंध रहा है।
देश छोड़ने के सवाल पर इंद्रजीत ने कहा कि वे पासपोर्ट के जरिए विदेश गए हैं और वहां अपना व्यवसाय चला रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं उन पर भारत में हमला न हो जाए। कहा कि यदि सरकार उनके और उनके परिवार की सुरक्षा की गारंटी देती है तो वे तुरंत भारत लौटने को तैयार हैं।
भविष्य की रणनीति पर इंद्रजीत ने कहा कि न्याय प्रणाली के माध्यम से सच सामने आएगा और जो भी अधिकारी इस मामले में शामिल हैं, वे एक न एक दिन जेल जाएंगे। उन्होंने हरियाणा सरकार से इस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर जांच कराने की मांग की है।
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