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Rangilo Kisan Mela Jaipur: जयपुर स्थित श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय रंगीलों किसान मेला किसानों और पशुपालकों के लिए उपयोगी मंच बना. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और NDDB डेयरी सर्विसेज के सहयोग से हुए इस आयोजन में प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से 31,103 किसानों ने भाग लिया. मेले में उन्नत खेती, पशुपालन, आधुनिक तकनीक, नवाचार और वैज्ञानिक अनुसंधान पर विस्तार से चर्चा की गई. कृषि प्रदर्शनी में उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, पोषण प्रबंधन और एकीकृत कीट नियंत्रण तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिसे किसानों ने काफी सराहा.
जयपुर. राजधानी जयपुर स्थित श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय किसानों और पशुपालकों के लिए रंगीलों किसान मेले का आयोजन किया गया. यह आयोजन राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और NDDB डेयरी सर्विसेज के सहयोग से हुआ. मेले में प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से करीब 31,103 किसानों ने भाग लिया. कुलगुरु प्रो. डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि किसान मेले विश्वविद्यालय और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम बना है. उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीकों, नवीन अनुसंधान और वैज्ञानिक नवाचारों को खेत-खलिहान तक पहुंचाने में इस प्रकार के आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इस आयोजन में खेती और पशुपालन को लेकर खास चर्चा की गई और इसमें नवाचार को लेकर किसानों को जानकारी दी.
कार्यक्रम में NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने डेयरी क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचारों की सराहना की. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के साथ मिलकर रंगीलो–26 किसान मेला का यह पहला संयुक्त प्रयास सफल रहा है और भविष्य में ऐसे आयोजनों से डेयरी क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी. मेले के दौरान आयोजित कृषि प्रदर्शनी में किसानों की भारी भीड़ उमड़ी. प्रदर्शनी में उन्नत बीज किस्मों, आधुनिक कृषि यंत्रों, संतुलित पोषण प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन तथा एकीकृत कीट प्रबंधन तकनीकों का प्रदर्शन किया गया.
दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता रहा आकर्षण का केन्द्र
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक खेती के विभिन्न आयामों की विस्तृत जानकारी दी. दूसरे दिन आयोजित दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता मेले का मुख्य आकर्षण रही. विभिन्न नस्लों में उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. होल्सटीन फ्रिजियन नस्ल में हरियाणा के हिसार जिले के पवन कुमार ने 64.44 किग्रा दुग्ध उत्पादन के साथ प्रथम स्थान प्राप्त कर 2,51,000 रुपए का पुरस्कार जीता. इसके अलावा साहीवाल नस्ल में करनाल के रणदीप चौधरी 22.36 किग्रा के साथ प्रथम रहे. गिर नस्ल में मुकेश चौधरी (अजमेर) ने 26.78 किग्रा उत्पादन कर प्रथम स्थान हासिल किया. क्रॉस ब्रीड, जर्सी तथा मुर्रा भैंस श्रेणी में भी विजेताओं को 2,51,000 रूपय, 1,51,000 रुपए और 1,00,000/ 1,11,000 रूपये तक के पुरस्कार दिया गया.
31,103 किसानों की रही सहभागिता
समापन समारोह में विजेता पशुपालकों को मंच पर सम्मानित किया गया. प्रसार शिक्षा विभाग के डॉ. आर.एन. शर्मा ने सभी सहयोगी संस्थाओं और वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेला किसान हित में एक प्रभावी पहल सिद्ध हुआ है. उन्होंने बताया कि दो दिवसीय आयोजन में 31,103 किसानों की सहभागिता इस मेले की ऐतिहासिक सफलता का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि आगे भी किसानों और पशुपालकों के लिए ऐसे आयोजन होंगे.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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