Pradhan Mantri Jan Aushadhi Kendra: दवा खरीदने आए लाल प्रसाद ने ने बताया कि वह भारतीय जन औषधि केंद्र से दवाइयां लेने आए थे, जहां उन्हें बहुत ही सस्ते दामों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां मिलीं. उन्होंने कहा कि उन्हें मात्र 78 रुपए में सारी जरूरी दवाएं मिल गईं, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. एक अन्य खरीददार अमर लाल प्रसाद ने बताया कि जन औषधि केंद्र पर बाहर बाजार की तुलना में काफी सस्ती दवाएं उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि वह पहली बार इस औषधि केंद्र से दवा ले रहे हैं और यहां की कीमतों और व्यवस्था से काफी संतुष्ट हैं.
जन औषधि केंद्र पर रिम्स ओपीडी में लिखी जाने वाली लगभग सभी दवाएं उपलब्ध रहती हैं,
गरीब और मिडिल क्लास के लिए यह केंद्र किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है. शुगर, बीपी और हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं अब बेहद कम दाम पर उपलब्ध हैं. रिम्स आने वाले हजारों मरीज अब ब्रांडेड दवाओं के महंगे मकड़जाल से निकलकर राहत की सांस ले रहे हैं. यह सिर्फ एक सरकारी दुकान नहीं, बल्कि गरीबों की जेब पर डाका डालने वाली व्यवस्था के मुंह पर करारा तमाचा है.
महंगी दवाओं का बाजार धड़ाम, मरीज खुश
मरीजों के चेहरे पर अब पैसों की बचत का सुकून साफ दिख रहा है. दवा खरीदने आए लाल प्रसाद ने बताया कि उन्हें सारी जरूरी दवाएं सिर्फ 78 रुपये में मिल गईं. अगर वे यही दवाएं बाहर से लेते तो कई गुना ज्यादा पैसा खर्च होता. उन्होंने इसके लिए पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया. वहीं, एक और मरीज देव उरांव को तीन तरह की दवाएं मात्र 62 रुपये में मिल गईं. लोग हैरान हैं कि जो दवाएं कल तक उनकी जेब खाली करती थीं, आज वो इतनी सस्ती कैसे मिल रही हैं.
हर बीमारी का इलाज अब बजट में
यहां सिर्फ बुखार या दर्द की ही नहीं, बल्कि जानलेवा बीमारियों की दवा भी सस्ती है. केंद्र पर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों की दवाएं मौजूद हैं. इसके साथ ही कई तरह के सर्जिकल सामान भी किफायती रेट पर मिल रहे हैं. केंद्र संचालक जयदीप ने साफ किया कि ओपीडी में लिखी जाने वाली लगभग सारी दवाएं यहां मिलती हैं. इससे लंबे समय तक चलने वाले इलाज का खर्च बहुत कम हो जाता है. दवाइयों की क्वालिटी भी एकदम ब्रांडेड दवाओं जैसी ही है.
रोजाना 1500 मरीजों को मिल रही संजीवनी
रिम्स की ओपीडी में हर दिन करीब 1500 गरीब मरीज इलाज के लिए आते हैं. पहले वे पर्ची लेकर प्राइवेट मेडिकल स्टोर पर भटकते थे और महंगे दाम सुनकर मायूस हो जाते थे. लेकिन अब जन औषधि केंद्र ने उन्हें नया जीवन दिया है. आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए यह पहल किसी चमत्कार से कम नहीं है. इलाज का भारी-भरकम बोझ अब काफी हल्का हो चुका है और लोग खुले दिल से सरकार की इस पहल की तारीफ कर रहे हैं.
About the Author
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.