Budget 2026: आज देश का आम बजट 2026 पेश किया गया. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई ऐलान किए. वह 9वीं बार बजट प्रस्तुत कर चुकी हैं. तो वहीं, 8 बार देश का बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा झारखंड से ताल्लुक रखते थे. उन्होंने साल 1990-91 से लेकर 2003-04 तक बजट पेश किया. लेकिन छठवीं बार उनके बजट को लेकर कड़ी आलोचना की गई. सदन में विपक्ष से लेकर आम जनता उनकी आलोचना की थी.
अटल सरकार में पेश किए थे 7 बजट
इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में यशवंत सिन्हा एक बार फिर वित्त मंत्री बने. इस बार उन्होंने 1998-99 से 2003-04 के बीच लगातार सात बजट पेश किए. इन बजटों में बुनियादी ढांचे के विकास, राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने और कर सुधारों पर खास फोकस रहा. राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना और विनिवेश की नीति को भी इन्हीं वर्षों में मजबूती मिली. हालांकि 2001-02 का बजट उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा. इस बजट में कर ढांचे में किए गए बदलाव, पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों और कुछ छूटों को खत्म करने के फैसले पर काफी आलोचना हुई. उद्योग जगत और मध्यम वर्ग ने इसे जन विरोधी बताया था. विपक्ष ने संसद के भीतर और बाहर सरकार को घेरा, जबकि आम जनता में भी असंतोष देखा गया था.
पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा अपने ऐतिहासिक फैसले के लिए भी जाने जाते हैं. जब उन्होंने शाम 5 बजे पेश होने वाले बजट का समय बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया था. दरअसल, आजादी से पहले और आजादी के बाद भी लंबे समय तक (1999 तक) केंद्रीय बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था. यह समय ब्रिटिश राज के दौरान तय किया गया था. उस वक्त भारत और ब्रिटेन के बीच 4 घंटे 30 मिनट का समय अंतर था (भारत आगे था). शाम 5 बजे भारत में बजट पेश होने पर लंदन में सुबह 11:30 बजे होते थे. जिससे की ब्रिटिश अधिकार बजट की जानकारी तुरंत ले सकें. आजादी के बाद भी यह परंपरा जारी रही, क्योंकि बदलाव की जरूरत महसूस नहीं हुई. लेकिन साल 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने पहली बार (27 फरवरी 1999 को) बजट सुबह 11 बजे पेश किया. भारत अब ब्रिटिश कॉलोनी नहीं था, इसलिए लंदन के समय के हिसाब से बजट पेश करने की कोई जरूरत नहीं थी.
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