ग्राम देवखजूरी में 15 दिनों से चल रही पारंपरिक रामलीला का समापन रावण दहन के साथ श्रद्धा और उल्लास के माहौल में हुआ। यह आयोजन अपने 51वें वर्ष में पहुंचा। बड़ी संख्या में ग्रामवासी, श्रद्धालु और आसपास के क्षेत्रों से आए दर्शक शामिल हुए। यह आयोजन ग्राम की सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया है।
समापन दिवस पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की झांकियों ने दर्शकों को आकर्षित किया। जैसे ही रावण के विशाल पुतले का दहन हुआ, पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों और उत्साहपूर्ण माहौल ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। रामलीला में स्थानीय कलाकारों ने शानदार अभिनय किया। श्रीराम की मर्यादा, लक्ष्मण का त्याग, हनुमान की भक्ति और रावण के अहंकार का जीवंत चित्रण हुआ। श्री काल भैरव रामलीला समिति द्वारा मंच, प्रकाश और ध्वनि की व्यवस्था ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने कलाकारों, सहयोगियों और ग्रामवासियों का आभार जताया।
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