रामगढ़ में 21 जनवरी से लापता सोनू कुमार का शव रविवार दोपहर दुर्गावती नदी के किनारे से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तकनीकी जांच से सुलझा ब्लाइंड मर्डर एसडीपीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि यह एक ब्लाइंड मर्डर केस था, जिसे पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए सुलझाया। सोनू के लापता होने के बाद उसका मोबाइल फोन बंद था, लेकिन पुलिस ने उसके मोबाइल के IMEI नंबर पर लगातार निगरानी बनाए रखी। मोबाइल लोकेशन से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की और संबंधित स्थान पर छापेमारी की। मोबाइल खरीदने वाले व्यक्ति से पूछताछ की गई, जिसके बाद जांच की कड़ियां जुड़ती चली गईं। इसी क्रम में पुलिस आरोपी बबलू राम तक पहुंच सकी। परिवार के ही सदस्य ने की हत्या पुलिस की गिरफ्त में आए बबलू राम ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने 21 जनवरी की रात सोनू कुमार की हत्या कर दी थी। पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसने शव को दुर्गावती नदी के किनारे फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी और मृतक दोनों ईसरी गांव के निवासी हैं और एक ही परिवार से संबंध रखते हैं। आरोपी से गहन पूछताछ जारी एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और हत्याकांड से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी और इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं है।
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