ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी राजगीर के लिए वर्ष 2025 कई मायनों में यादगार रहा है। प्राचीन काल से बौद्ध धर्म और ऐतिहासिक विरासत के लिए विश्व प्रसिद्ध यह शहर अब खेलों के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बना रहा है। शिक्षा और पर्यटन के गढ़ के रूप में पहचाने जान
अंतरराष्ट्रीय हॉकी से मिली नई पहचान
इस वर्ष अगस्त-सितंबर में आयोजित पुरुष हॉकी एशिया कप राजगीर के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ। एशिया की आठ शीर्ष टीमों ने यहां प्रतिस्पर्धा की, जिससे राजगीर अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर उभरकर सामने आया। इससे पहले नवंबर 2024 में महिला एशियाई हॉकी चैंपियनशिप और अगस्त 2025 में एशिया रग्बी अंडर-20 सेवन्स चैंपियनशिप ने भी राजगीर को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के विश्वसनीय केंद्र के रूप में स्थापित किया है।
विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम की तैयारी
लगभग 40 हजार दर्शक क्षमता वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम यहां बनकर तैयार हो चुका है। यह स्टेडियम वर्ष 2026 में खेल जगत में एक नया अध्याय जोड़ने की तैयारी में है। इस अत्याधुनिक सुविधा से राजगीर को बिहार की खेल राजधानी के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद है।
बिहार खेल यूनिवर्सिटी।
देश का अनूठा खेल विश्वविद्यालय
29 अगस्त 2024 को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिहार खेल विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया था। यह देश का पहला ऐसा परिसर है जहां खेल विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर एक साथ स्थित है। वर्ष 2025 में इस विश्वविद्यालय को यूजीसी की मान्यता मिली, जिससे शैक्षणिक सत्र 2025-26 से नियमित पाठ्यक्रम शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
एशियन हॉकी फेडरेशन की मान्यता और हॉकी फेडरेशन ऑफ इंडिया से हॉकी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा मिलना राजगीर के लिए बड़ी उपलब्धि रही है। खेल परिसर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम सहित 24 से अधिक इनडोर एवं आउटडोर खेलों की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ी सुविधा
रेलवे और हवाई संपर्क के मामले में भी 2025 राजगीर के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का काम शुरू हुआ है। राजगीर से मुंबई और अहमदाबाद जैसे महानगरों के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू हुई, जिससे न केवल राजगीर बल्कि नालंदा और आसपास के जिलों के लोगों को भी बड़ी सुविधा मिली है। राजगीर-बख्तियारपुर और राजगीर-तिलैया रेलखंड के दोहरीकरण को केंद्र सरकार की स्वीकृति मिल चुकी है।
पर्यटकों का केंद्र बना पक्षिशाला
खेल के अलावा पर्यटन के क्षेत्र में भी राजगीर की चमक बरकरार रही है। यहां की पक्षीशाला देखने के लिए लाखों सैलानी पहुंच रहे हैं, जो राजगीर की पर्यटन क्षमता को और मजबूत कर रहा है।
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