जयपुर | प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन से टूरिज्म, एजुकेशन, मेडिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल व खिलौना उत्पादन तथा वैज्ञानिक शोध व आविष्कार क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दरअसल, इन क्षेत्रों में प्रवासी राजस्थानी निवेश को लेकर रुचि दिखा रहे हैं।
टीम आरतिया का कहना है कि राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र में अपार संभावना है। बड़े उद्योग सीमेंट और जिंक तक सीमित है, जबकि सोलर एनर्जी जैसे कई क्षेत्र है, जहां निवेश बढ़ाया जा सकता है। इसको लेकर राज्य सरकार ने योजना और नीतियां भी बनाई है। राजस्थान फाउंडेशन के जरिए प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने की पहल की जा रही है। लेकिन सरकार को प्रवासी निवेश बोर्ड का गठन भी करना चाहिए, जो जमीन, बिजली-पानी, संचार सेवा और आवश्यक अनुमतियां दिलवाने में प्रवासी उद्यमियों की मदद करे। इससे प्रवासी राजस्थानी भामाशाह के तौर पर बड़ी भूमिका निभा सकेंगे। अपने गांव-कस्बों की सरकारी स्कूल-अस्पताल आदि में इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ा काम कर सकेंगे। इसके मद्देनजर प्रवासी राजस्थानियों को सम्मेलन तक सीमित नहीं रखा जाए, गांव-कस्बों की विजिट कराई जाए।
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