बांसवाड़ा के कुशलबाग मैदान में मंगलवार से राजीविका के तत्वावधान में ‘राजसखी मेला’ शुरू हुआ। इसका उद्घाटन समाजसेवी पूंजीलाल गायरी, जिला परिषद के सीईओ गोपाल लाल स्वर्णकार और जिला परियोजना प्रबंधक धनपत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों ने विभिन्न स्टॉल विजिट की और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बारीकी से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह मेला आदिवासी अंचल की महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। इस मेले का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके हस्तशिल्प उत्पादों को एक बड़ा बाजार उपलब्ध कराना है। कलेक्टर ने दी डिजिटल मार्केटिंग की सलाह
जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने भी मेले का जायजा लिया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से उनके उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और कीमत को लेकर चर्चा की। कलेक्टर ने महिलाओं को डिजिटल भुगतान अपनाने और उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग करने के निर्देश दिए, जिससे बाजार में उनकी मांग बढ़ सके। ’लखपति दीदी’ को टैबलेट बांटे
जिला कलेक्टर ने योजना के तहत ‘लखपति दीदी’ बनी महिलाओं को टैबलेट वितरित किए। उन्होंने बताया कि तकनीक से जुड़कर ये महिलाएं अपने कारोबार का हिसाब-किताब और मार्केटिंग और भी बेहतर तरीके से कर सकेंगी। बता दें कि मेले में जिले और राज्य के विभिन्न हिस्सों से आई महिलाओं ने कलात्मक प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन किया है। इनमें पारंपरिक आभूषण और प्रसिद्ध तीर-कमान के अलावा काली कमोद चावल, जैविक अचार, पापड़ और मसाले शामिल है। जबकि हर्बल गुलाल और अन्य घरेलू प्रोडक्ट भी बेचने के लिए प्रदर्शित किए है।
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