आदर्श कॉपरेटिव सोसायटी के निवेशकों के लिए राहतभरी खबर हैं। सुप्रीम कोर्ट में आज राजस्थान सरकार ने आरोपी मुकेश मोदी, राहुल मोदी सहित 6 अन्य आरोपियों की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि सोसायटी की अटैच संपत्तियों को नीलाम करके निवेशकों को राशि दिलाई जाए। सुप्रीम कोर्ट में आज जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन वी अंजारिया की बैंच आरोपियों की डिफॉल्ट बेल याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय और अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने कहा कि राजस्थान सहित पूरे भारत के निवेशकों को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में विधिक प्रक्रिया के तहत निवेशित राशि वापस दिलाई जानी चाहिए। अटैच संपत्तियों को अधिकतम मूल्य पर बेचा जाए
राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि आरोपित व्यक्तियों की संपत्तियों को आधिकारिक परिसमापक (ऑफिशियल लिक्विडिटर) द्वारा सार्वजनिक नीलामी के माध्यम से अधिकतम मूल्य पर बेचा जाना चाहिए। सरकार ने कहा कि अभी तक ईडी की स्वीकृति के बिना कोई भी संपत्ति नहीं बेची गई हैं। सरकार ने आरोपियों की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि जब हजारों करोड़ रुपए की संपत्तियां अपराध की आय से अर्जित किया जाना बताया जा रहा है तो इतने सालों की हिरासत के बाद आरोपियों की इस चरण पर डिफॉल्ट बेल की मांग स्वीकार्य नहीं हैं। करीब 14,800 करोड़ की ठगी
इस मामले में सबसे पहले स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने 28 दिसंबर 2018 को आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के संस्थापक मुकेश मोदी, प्रबंध निदेशक राहुल मोदी सहित अन्य पदाधिकारियों और नियंत्रकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी जून 2019 में हुई थी। एसओजी की चार्जशीट के अनुसार आरोपियों ने राजस्थान सहित 7 राज्यों में 14,800 करोड़ से ज्यादा की ठगी की थी।
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