सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि उद्यमियों की हमेशा एक आदत बन गई है। उनका उद्योग चल रहा है, बढ़िया चल रहा हैं। मुझसे कई बार उद्यमी मिलने आते है, उनसे जब भी पूछो कि कैसा चल रहा है तो वो हमेशा यहीं कहते है कि दाल रोटी निकल रही है, टाइमपास हो रहा हैं। आपकी एक यूनिट से दो हो गई, दो से तीन हो गई, फिर भी दाल-रोटी ही निकल रही हैं। मुख्यमंत्री गुरुवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) राजस्थान के वार्षिक सत्र को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा, अरे ऐसा मत कीजिए। मैं इसलिए कह रहा हूं कि आपके पास जो हमारी युवा पीढ़ि काम कर रही हैं, आप इनको उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित कीजिए। अगर आप उससे यह कहेंगे कि कोई मतलब नहीं है, हमारी दाल रोटी ही मुश्किल से निकल रही है, काहे के चक्कर में पड़ रहे हो तुम। लेकिन उसने यूनिट लगा ली और काम सही चल गया तो वो यहीं कहेगा कि इन्होने कभी सही बात नहीं बताई। मैं आपसे कहना चाहता हूं कि अगर आपने किसी की यूनिट लगवा दी तो उसकी तीन पीढ़िया आपको याद रखेगी। आप राजस्थान को आगे बढ़ाइए, इसमें आपको कोई परेशानी होती है तो हम इसके लिए जिम्मेदार हैं। गांव छोटे और शहर बड़े हो रहे है
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि पहले कहा जाता था कि देश की 80 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है, लेकिन आज स्थिति उल्टी हो गई हैं। गांव छोटे और शहर बड़े हो रहे हैं। शहर में व्यक्ति 40 से 45 किलोमीटर का सफर तय कर रहा हैं, तो गांव में 15 किलोमीटर का सफर तय नहीं कर सकता हैं। उन्होने उद्यमियों से कहा कि हमें गांव के आसपास भी उद्योग लगाने चाहिए। वहीं जिस तरह से शहर बढ़ रहे है, उसे ध्यान में रखकर योजना बनानी चाहिए। हम एक कॉलोनी भी बनाते है तो उसके हिसाब से योजना नहीं बनाते हैं। पहले हम वहां पांच इंच की पाइपलाइन डाल देते है, फिर आबादी बढ़ती है तो उसे उखाड़कर 8 इंच की पाइपलाइन डालते है, फिर उसके बाद 10 इंच की पाइपलाइन डालते हैं। हमारे पास एक विजन होना चाहिए कि हमारी कितनी आवश्यकता हो सकती हैं।
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