रायपुर में 26 जनवरीऔर 30 जनवरी को मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह से बैन रहेगी. नगर निगम ने सभी मांस-मटन दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है. इस आदेश का उल्लंघन करने पर जुर्माना और दुकान सील जैसी सख्त कार्रवाई होगी. दोनों दिनों में निगम की टीमें शहरभर में निरीक्षण करेंगी.
राजधानी रायपुर में 26 जनवरी (Republic Day) और 30 जनवरी (Mahatma Gandhi Nirvana Day) के अवसर पर मांस-मटन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. नगर निगम रायपुर ने इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी करते हुए शहर और निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी मांस-मटन दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं. आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, ये दोनों दिन राष्ट्रीय महत्व के हैं और सार्वजनिक भावना व परंपराओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. निगम की टीमें दोनों दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों में निरीक्षण करेंगी. नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना, दुकान सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है. निगम ने दुकानदारों से सहयोग की अपील करते हुए पहले से ही आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा है.
रायपुर सहित पूरे प्रदेश में उत्साह
इधर, गणतंत्र दिवस को लेकर रायपुर सहित पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल है. इस साल नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी एक बार फिर देशभर का ध्यान आकर्षित करने जा रही है. झांकी की थीम देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय पर आधारित है, जो राज्य की समृद्ध आदिवासी विरासत और आधुनिक तकनीक को मिलाकर को दिखाती है.
फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान छत्तीसगढ़ की झांकी ने जनजातीय संस्कृति की जीवंत झलक पेश की है. झांकी में जनजातीय समाज की जीवनशैली, पारंपरिक कला, लोकनृत्य और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े प्रतीकों ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया.

झांकी के माध्यम से संदेश
झांकी के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि छत्तीसगढ़ अपनी आदिवासी पहचान को संरक्षित करते हुए डिजिटल युग में आगे बढ़ रहा है. जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की अवधारणा राज्य की संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. कुल मिलाकर, रायपुर में जहां राष्ट्रीय पर्वों को लेकर अनुशासन और नियमों पर जोर है. वहीं, छत्तीसगढ़ की झांकी के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान पूरे देश के सामने गर्व के साथ प्रस्तुत की जा रही है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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