छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्ष ने कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया. सत्ता पक्ष ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि रजत जयंती वर्ष में राज्य के विजन पर चर्चा जरूरी है. सत्र में नक्सल मुद्दे, कांग्रेस की राजनीति और विधायक निधि बढ़ाने की मांग भी गूंजती रही.
रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ हुई. सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया. विपक्ष के इस कदम पर सत्ता पक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया. संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और ऐसे मौके पर विपक्ष का सदन से दूर रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि राज्य के विजन, विकास और भविष्य पर चर्चा के लिए विपक्ष की मौजूदगी जरूरी होती है.
शीतकालीन सत्र में सरकार की प्राथमिकता विकास, कानून-व्यवस्था, नक्सल उन्मूलन और नीतिगत सुधारों पर चर्चा की थी, लेकिन विपक्ष के बहिष्कार से सत्र का माहौल पूरी तरह राजनीतिक हो गया. सत्ता पक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चर्चा से भाग रही है और जनता के मुद्दों से मुंह मोड़ रही है. वहीं भाजपा विधायकों ने सदन के भीतर और बाहर विपक्ष के रुख को लेकर तीखे बयान दिए. सत्र के पहले दिन ही सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव साफ नजर आया.
सत्ता पक्ष का हमला: बहिष्कार लोकतंत्र के खिलाफ
संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने विपक्ष के बहिष्कार को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि यह कांग्रेस का पहला बहिष्कार नहीं है. उन्होंने कहा कि जब-जब राज्य के भविष्य और विजन पर चर्चा का समय आता है, कांग्रेस सदन से गायब रहती है. मंत्री कश्यप ने वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर के वक्तव्य का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी राज्य में खामियां हो सकती हैं, लेकिन सरकार का प्रयास सकारात्मक तरीके से विकास को आगे बढ़ाने का है.
सुशांत शुक्ला का कांग्रेस पर तीखा हमला
भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने विपक्ष पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि विधर्मियों के खाते में धर्म का काम नहीं आता. जब-जब देश में शुभ कार्य हुए, कांग्रेस गायब रही. उन्होंने कहा कि जो राम का नहीं, वह किसी काम का नहीं. सुशांत शुक्ला ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का काम चल रहा है और अगर कहीं कोई विसंगति रह गई है, तो उसे भी ठीक किया जाएगा. उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस बताए कि इतने वर्षों में छत्तीसगढ़ का विकास क्यों नहीं हो पाया.
कांग्रेस की SIR महारैली पर तंज
विधायक सुशांत शुक्ला ने कांग्रेस की SIR महारैली को लेकर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक परिवार की चरण वंदना करने दिल्ली गई हुई है. उनका आरोप था कि कांग्रेस का फोकस जनहित के मुद्दों से ज्यादा पार्टी के आंतरिक एजेंडे पर है.
नक्सल मुद्दे पर धर्मजीत सिंह का कड़ा रुख
भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने विधानसभा में जेएनयू में नक्सली हिड़मा के समर्थन में नारे लगाने के मुद्दे को उठाया. उन्होंने सदन में प्रस्ताव लाकर इसकी निंदा करने की मांग की. धर्मजीत सिंह ने कहा कि ऐसे नक्सल समर्थकों को बस्तर भ्रमण कराया जाना चाहिए, ताकि उन्हें नक्सलियों द्वारा किए गए अत्याचारों की सच्चाई पता चल सके. उन्होंने सदन में नक्सली हिड़मा और बसवराजू की क्रूरता का भी जिक्र किया.
विधायक निधि बढ़ाने की मांग
विधायक धर्मजीत सिंह ने सदन में विधायक निधि 10 करोड़ करने की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने विधायक निधि बढ़ाई थी और अब मुख्यमंत्री को भी क्रांतिकारी कदम उठाते हुए इसमें बढ़ोतरी करनी चाहिए. उनका कहना था कि निधि बढ़ने से क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
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